हल्द्वानी। शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक का कहना है कि राष्ट्रीय और राज्यमार्गों के दोनों तरफ 200 मीटर के दायरे में मकान और दुकान बनाने पर किसी तरह का शुल्क नहीं है। इसके लिए शर्त बस यही है कि निर्माण भूकंपरोधी होना चाहिए। कौशिक ने दावा किया कि निकायों में ठोस कचरा प्रबंधन और डंपिंग ग्राउंड की समस्याओं का समाधान एक साल तक कर लिया जाएगा।
हल्द्वानी में शुक्रवार रात मीडिया से मुखातिब शहरी विकास मंत्री ने कहा कि राजमार्गों के किनारों के दोनों तरफ 200 मीटर तक व्यक्ति 2000 वर्ग फुट में मकान और 30 वर्ग मीटर में दुकान बना सकता है। इसके लिए न तो उसे नक्शा पास करवाना होगा और न ही किसी तरह का शुल्क देना होगा। कौशिक के मुताबिक जिला विकास प्राधिकरणों का गठन ही इसलिए किया गया है क्योंकि पूर्ववर्ती सरकार ने 22 से अधिक प्राधिकरण बना दिए थे। वर्तमान सरकार जिला विकास प्राधिकरणों के जरिए इन सभी प्राधिकरणों को एक छत के नीचे ले आई है।
मंत्री ने बताया कि मार्च, 2018 तक घर-घर से कूड़ा उठाने की व्यवस्था को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। ठोस अपशिष्ट निस्तारण की योजनाओं को एक साल तक पूरा कर लिया जाएगा। बड़े नगर निगमों में डंपिंग यार्ड बनाए जाने हैं और ठोस अपशिष्ट निस्तारण की योजनाओं को धरातल पर उतारा जाना है। छोटे निकायों में जहां डंपिंग यार्ड नहीं हैं वहां क्लेक्शन सेंटर बनाए जाएंगे। मदन कौशिक के मुताबिक उत्तराखंड को खुले में शौच से मुक्त करने का काम मार्च से पहले ही पूरा कर लिया जाएगा। वार्ता में मेयर जोगेंद्र रौतेला, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट, मीडिया प्रभारी तरुण बंसल मौजूद थे।