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पायलट बाबा को पुलिस ने भेजा जेल

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हल्द्वानी/नैनीताल। आइकावा धोखाधड़ी मामले में आरोपित कपिल अद्वैत उर्फ पायलट बाबा को पुलिस बुधवार को हल्द्वानी से नैनीताल तक दौड़ाती रही। सुशीला तिवारी अस्पताल से उन्हें डिस्चार्ज कर नैनीताल जेल भेजा तो वहां तबियत बिगड़ गई। वहां से बीडी पांडे जिला अस्पताल ले गए मगर डॉक्टरों ने फिर से सुशीला तिवारी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। देर शाम बाबा को वहां भर्ती करा दिया गया।
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पायलट बाबा को चार अप्रैल को जिला जज की कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। सांस लेने में दिक्कत होने के कारण उन्हें पहले नैैनीताल के बीडी पांडे जिला अस्पताल में ले जाया गया जहां से हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल भेज दिया गया। बुधवार को यहां से डिस्चार्ज किया गया। हालांकि बाबा ने तबियत का हवाला देते हुए जाने से मना कर दिया। कोतवाल विक्रम सिंह राठौर पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे और बाबा को समझाया। इसके बाद डिस्चार्ज कर बाबा को जिला कारागार नैनीताल ले जाया गया। कारागार पहुंचने के बाद बाबा ने सांस लेने में परेशानी की शिकायत की। जेल के चिकित्साधिकारी डॉ. बीएन पाठक ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उन्हें जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। जहां करीब एक घंटे तक बाबा का प्राथमिक उपचार किया। ब्लडप्रेशर, शुगर और ईसीजी संबंधी जांच के बाद उन्हें एसटीएच भेज दिया गया।

एसटीएच से जेल गए पायलट बाबा फिर एसटीएच पहुंच गए
दोपहर से देर शाम तक हल्द्वानी से नैनीताल तक दौड़ाती रही पुलिस, जिला अस्पताल से किया गया रेफर


सुशीला तिवारी अस्पताल में जांचों रिपोर्ट से पता चला है कि बाबा हो कई दिक्कतें हैं। यूरेन इन्फेक्शन और सांस लेने में तकलीफ पाई गई है। ऑक्सीजन और अन्य प्राथमिक उपचार दे दिए गए थे। अन्य जांचें अस्पताल में संभव नहीं होने के कारण सुशीला तिवारी अस्पताल भेजा गया।
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-डॉ. एमएस दुग्ताल फिजीशियन बीडी पांडे अस्पताल

पायलट बाबा को डॉक्टरों ने नेफ्रोलाजिस्ट को दिखाने की सलाह दी है। सरकारी अस्पतालों में कोई डॉक्टर न होने के कारण इस मामले में ऋषिकेश स्थित एम्स के डॉक्टरों से सलाह ली जाएगी।
मनोज आर्या, वरिष्ठ जेल अधीक्षक

अपना-अपना हिसाब
नैनीताल। बाबा की बीमारी का कोई सही हिसाब नहीं लगा सके। यही कारण रहा कि उन्हें इधर से उधर ले जाया गया। हालांकि मेडिकल कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अशोक कह रहे हैं कि बाबा की हालत स्थिर थी इसलिए डिस्चार्ज किया गया था। उधर, जिला कारागार के प्रभारी रमेश कुमार भारती ने कहा कि सुशीला तिवारी अस्पताल से डिस्चार्ज करने के समय किडनी विशेषज्ञ को दिखाने की सलाह दी थी। यह स्पष्ट नहीं किया गया था कि किस हायर सेंटर ले जाना है। इसके बावजूद बाबा के साथ आए गार्ड उन्हें जेल ले आए। जेल चिकित्साधिकारी ने बाबा का परीक्षण किया और स्थिति को गंभीर देखते हुए बीडी पांडे अस्पताल रेंफर कर दिया गया।
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