हल्द्वानी। मीटर परीक्षण की प्रक्रिया न अपनाना यूपीसीएल को महंगा पड़ गया। उपभोक्ता की शिकायत पर विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच ने 16 हजार रुपये उपभोक्ता के मोबाइल बिल में कम करने का आदेश दिया।
स्थानीय निवासी मनजीत सिंह का बिजली मीटर एक निजी कंपनी वाइएमपीएल से चेक कराया गया। चेकिंग में मनजीत का बिजली का मीटर 61.71 प्रतिशत धीमा पाया गया। इसलिए यूपीसीएल ने सिंह के बिल में 16983 रुपये जोड़ दिए। सिंह ने इसकी शिकायत विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच में की और कहा कि यूपीसीएल ने नियमों का पालन नहीं किया। कहा कि मीटर किसी थर्ड पार्टी से चेक कराया जाए। यूपीसीएल ने कहा कि मीटर की पुन: जांच नहीं कराई जा सकती। नियम के अनुसार यदि उपभोक्ता जांच से संतुष्ट नहीं है तो उसका मीटर बदला नहीं जाएगा जबकि यूपीसीएल थर्ड पार्टी से मीटर चेक कराएगा। थर्ड पार्टी का निर्णय अंतिम होगा लेकिन इस मामले में यूपीसीएल ने पहले ही मीटर बदल लिया और मीटर दोबारा चेक नहीं करा सकते। इससे उपभोक्ता के अधिकार का हनन हुआ। मंच के सदस्य देवेंद्र कुमार नैनवाल, एसएस कन्याल, मनीष ओली ने निर्णय दिया कि मीटर धीमा मानते हुए बिल में जोड़े गए 16983 रुपये उपभोक्ता के बिल से कम किए जाएं।
बिल से कम करने होंगे 16 हजार रुपये
यूपीसीएल को महंगा पड़ा तय प्रक्रिया न अपनाना