झांसी में पाकिस्तान को मोदी की ललकार
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हल्द्वानी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रामनगर से लेकर बरेली तक की यात्रा काफी रिस्क से भरी रही। जिला पुलिस ने बगैर पूर्वाभ्यास किए प्रधानमंत्री की फ्लीट के लिए अचानक सुरक्षा के इंतजाम किए। पुलिस अधिकारियों ने काफी कम फोर्स के बावजूद प्रधानमंत्री को बरेली तक सुरक्षित पहुंचाया। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि प्रधानमंत्री का सड़क मार्ग से 175 दूर चलने का अचानक निर्णय लेना आश्चर्यजनक था।
जिले के पुलिस अधिकारियों को बृहस्पतिवार शाम तक पता नहीं था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वायु मार्ग से जाएंगे या सड़क से जाएंगे। धनगढ़ी से निकलने पर प्रधानमंत्री के लिए बुलेट प्रूफ लक्जरी वाहन के साथ जिला पुलिस की फ्लीट पहले से तैयार थी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने एसपीजी के समक्ष प्रस्ताव रखा कि प्रधानमंत्री के लिए आईआरबी बैलपड़ाव में चौपर उतर सकता है, लेकिन एसपीजी अधिकारियों ने मना कर दिया। आनन-फानन में एसएसपी सुनील कुमार मीणा ने फोर्स को सड़क पर तैनात किया। इस बीच प्रधानमंत्री डाक बंगले में चले गए। एक घंटे बाद फोर्स को सुरक्षा ड्यूटी के लिए फिर तैयार किया गया। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने पीएम को हल्द्वानी लाने के लिए पहले रिहर्सल नहीं की थी। इस कारण पुलिस अधिकारियों ने सबसे सुरक्षित रास्ते का चयन कर काफिले को कमलुवागांजा रोड, पंचायतघर, रामपुर रोड, टांडा रोड होते हुए बरेली रोड पर निकाला। एसपी सिटी प्रधानमंत्री फ्लीट के साथ बरेली तक गए थे। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि 175 किलोमीटर की सड़क यात्रा काफी रिस्क से भरी थी। बरेली में प्रधानमंत्री के फाइटर प्लेन पर सवार होने के बाद पुलिस अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
प्रधानमंत्री की 175 किमी यात्रा रिस्क भरी
बगैर पूर्वाभ्यास काफी कम फोर्स में अचानक हुआ सुरक्षा इंतजाम
पुलिसकर्मी होंगे पुरस्कृत
एसएसपी सुनील कुमार मीणा ने बताया कि प्रधानमंत्री की ड्यूटी में तैनात फोर्स ने काफी जिम्मेदारी से ड्यूटी निभाई। इस कार्य के लिए ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत किया जाएगा।