रानीखेत (अल्मोड़ा)। बहुचर्चित किडनी प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है। दो सप्ताह पूर्व जिलाधिकारी ने कुमाऊं कमीश्नर से इस मामले की उच्च स्तरीय जांच का आग्रह किया था। इधर, स्वास्थ्य निदेशक कुमाऊं के नेतृत्व में यहां राजकीय अस्पताल में पीड़ित महिला और उसके परिजनों सहित कई लोगों से पूछताछ की गई।
मालूम हो कि तहसील के नैणी, कुंवाली निवासी खीम सिंह ने यहां कालिका स्थित एमएन श्रीवास्तव अस्पताल पर उनकी पत्नी खष्टी देवी की किडनी निकालने का आरोप लगाया था, उनका कहना था कि उनकी पत्नी के पेट में दर्द था, उपचार के लिए वह इस निजी चिकित्सालय में आए, जहां डॉक्टर ने पेट में अपेंडिक्स बताया और तुरंत आपरेशन की सलाह दी। उन्होंने आपरेशन कराया, बाद में दिल्ली के एक निजी अस्पताल में चेक अप के दौरान डॉक्टरों ने बताया कि उनकी पत्नी की दाईं किडनी नहीं है। हालांकि डॉक्टर ने बताया है कि उन्होंने किडनी निकाली है, क्योंकि किडनी में ट्यूमर था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी नितिन भदौरिया ने कुमाऊं कमीश्नर से उक्त प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने की अपील की थी। बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य निदेशक कुमाऊं मंडल डॉ. आरके पांडे के नेतृत्व में पैनल ने पीड़ित खष्टी देवी, उनके पति खीम सिंह सहित कई लोगों से मामले में पूछताछ की और उनके बयान भी लिए। इस दौरान पैनल में सीएमओ डॉ. विनीत शाह भी मौजूद रहे।