हल्द्वानी। समाधान का विकल्प वाले कारोबारियों को अब जीएसटी आर-4 रिटर्न जमा करते समय खरीद का ब्योरा नहीं देना होगा। खरीद का ब्योरा देने में लगातार आ रही समस्याओं को लेकर जीएसटी काउंसिल समिति ने फैसला लिया है।
समाधान में तीन माह का सिर्फ एक रिटर्न भरना होता है। इसमें सिर्फ बिक्री का विवरण होता है और इसी पर कर देय होता है। इस बार जनवरी से मार्च तक खरीद का ब्योरा देना भी अनिवार्य किया गया है। इस ब्योरे देने में जीएसटी पोर्टल की गड़बड़ियां सामने आ रही थी। 50 से ज्यादा बिल अपलोड नहीं हो रहे थे, बिल अपलोड करने में बार बार एरर दर्शा रहा था।
इसको लेकर प्रदेश भर से शिकायतें आई थी। राज्य कर अधिकारियों ने इसको आला अफसरों तक पहुंचाया। इसके बाद यह फैसला लिया है कि अब समाधान व्यापारियों को जीएसटी आर-4 में खरीद का ब्योरा नहीं देना होगा। इसके बाद कारोबारियों को रिटर्न जमा करने में सहूलियत मिलेगी।
जीएसटीआर-1 से खुद पहुंच जाएगा ब्योरा
जीएसटी के मानकों के अनुसार जब समाधान कारोबारी किसी से खरीद करता है तो उक्त व्यापारी इसे जीएसटी आर -1 में दर्शाएगा। इसका विवरण स्वयं समाधान कारोबारी के जीएसटी आर-4 ए में पहुंच जाएगा। इससे बिल अपलोड करने का झंझट खत्म हो जाएगा। यह प्रक्रिया शुरू नहीं होने से दिक्कतें हो रही थी।
जीएसटी आर-4 में अब खरीद का ब्योरा नहीं देना होगा। इसका नोटिफिकेशन आ गया है। सिर्फ बिक्री का ही विवरण देना है।
- विनय प्रकाश ओझा, सहायक आयुक्त राज्य कर
जीएसटी आर-4 से खरीद का विवरण नहीं देने की बाध्यता हटाना ठीक है, अब रिटर्न की समयावधि बढ़ाए ताकि खरीद के बिल अपलोड करने में जो समय बर्बाद हुआ है उसकी भरपाई हो सके।
- सुमित गुप्ता, अध्यक्ष सेल्स टैक्स बार एसोसिएशन