भीमताल (नैनीताल)। महादेवी वर्मा सृजन पीठ मल्ला रामगढ़ में सोमवार को महादेवी वर्मा की 111वीं जयंती पर दो दिवसीय स्त्री लेखन विषयक एवं विज्ञान संगोष्ठी शुरू हुई। संगोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि सुप्रसिद्ध साहित्यकार मृदुला गर्ग, मंगलेश डबराल, सतीश जायसवाल ने किया। साहित्यकार मृदुला गर्ग ने कहा कि महादेवी वर्मा आधुनिक भारत की पहली स्त्री रचनाकार थीं। उनकी रचनाओं और जीवन दोनों में आधुनिक युग में नई पहचान मिली है। वरिष्ठ साहित्यकार मंगलेश डबराल ने कहा कि भारत की पहली नारीवादी कवि महादेवी वर्मा ने ऐसे समय में पुरुष सत्ता के षड्यंत्र को लेखनी से उजागर किया, जिस समय महिलाओं को बोलने तक की आजादी नहीं थी। लेखिका सुमन केशरी, पंखुरी सिन्हा, इलाहाबाद की पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. यासमीन सुल्ताना नकवी ने महादेवी वर्मा की जीवन शैली से लोगों को अवगत कराया। महादेवी सृजन पीठ के निदेशक प्रो. देव सिंह पोखरिया ने कहा कि पीठ को साहित्यिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रुप में विकसित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस दौरान हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. नीरजा टंडन, प्रो. मानवेंद्र पाठक, डॉ. सिद्धेश्वर सिंह, मुकेश नौटियाल, रिया शर्मा, सुनील भट्ट, डॉ. शशांक शुक्ला, डॉ. ममता ध्यानी, भावना अग्रवाल ने संबोधित किया।