हल्द्वानी। एनसीसी के वार्षिक प्रशिक्षण शिविर में एडीजी मेजर जनरल सी मणि ने गणतंत्र दिवस परेड में प्रतिभाग करने वाले 111 कैडेटों को सम्मानित किया। बताया कि गर्व का विषय है कि पहली बार उत्तराखंड के युवक को राजपथ पर देश के एनसीसी कैडेटों को कमान देने का अवसर मिला है।
रानीबाग स्थित शिविर में आए मुख्य अतिथि एडीजी मेजर जनरल सी मणि ने 77 वीं एनसीसी बटालियन अल्मोड़ा के कैडेटों, आरडीसी दल की सराहनीय की। उन्होंने कहा कि कैडेटों को पूरे आत्मबोध के साथ एनसीसी की सीख अपने जीवन को देश की रक्षा के समर्पण को प्रेरित करती है। देश सेवा उच्चतम सेवा है। कैडेटों को अनुशासित छवि के साथ कर्तव्य बोध, उनके निर्वहन की क्षमता होनी चाहिए। एनसीसी भारतीय सेना की द्वितीय पंक्ति के रूप में देश सेवा के लिए समर्पित है। सबके लिए गर्व का विषय है कि एसएसजे परिसर अल्मोड़ा के सीनियर अंडर ऑफिसर पवन सिंह पपोला ने राजपथ पर समूचे देश की एनसीसी का नेतृत्व किया। पवन को एडीजी ने विशेष सम्मान से सम्मानित किया। इस दौरान एडीजी ने लेफ्टिनेंट मोहन सिंह, कैडेट किरन खड़ायत, एसयूओ नीलम रावत, कुंवरजीत सिंह रौतेला, आकांक्षा देवगन, क्षितिज चौहान, गजेंद्र को डीजी एनसीसी से मिला प्रशंसा पत्र सौंपा।
पवन को मिला स्वर्ण पदक
हल्द्वानी। राजपथ पर समूचे देश को कमान देने वाला 77वीं एनसीसी बटालियन का पवन सिंह पपोला बागेश्वर जिले के पपोली गांव का रहने वाला है। पवन ने बताया कि उसे छात्रवृत्ति मिलने की उम्मीद है। राजपथ पर देश के 2200 कैडेटों ने परेड की थी। पवन बीए तृतीय वर्ष का छात्र है।