हल्द्वानी। पति की लंबी उम्र के लिए रखे जाने वाले करवाचौथ व्रत को लेकर शहर के पार्लर इन दिनों गुलजार हैं। क्योंकि हर पत्नी कह रही है सजना है मुझे सजना के लिए...।
शहर के हर मोहल्ले के पार्लर में आसपास की महिलाओं ने इस हफ्ते अपनी हाजिरी दर्ज कराई है। फेशियल और थ्रेडिंग इनमें सबसे अधिक की गई है। इसके साथ ही मेहंदी लगाने वालों ने भी खूब चांदी काटी। शनिवार देर रात तक नुक्कड़ों पर लड़के तो पार्लर में लड़कियां सुहागिनों के हाथों में मेहंदी रचाने में व्यस्त थीं।
एमबी कॉलेज के पास स्थित एंजल ब्यूटी सलून की दीपा बाफिला बताती हैं कि अमूमन फेशियल का निखार तीन दिन बाद आता है। करवाचौथ में थ्रेडिंग और फेशियल महिलाओं के लिए अनिवार्य हो गया है। वह कहती हैं बृहस्पतिवार से ही व्यस्तता बढ़ गई थी। श्राद्ध, नवरात्र के लंबे समय बाद पार्लर गुलजार हुआ। दीपा बताती हैं कि हमारे यहां न्यूनतम पैकेज 500 रुपये का है।
पटेल चौक स्थित ब्यूटी मंत्रा सलून एंड स्पा की जिया बताती हैं कि पिछले तीन दिन से फुर्सत ही नहीं मिल रही है। मेहंदी का न्यूनतम पैकेज 150 और करवाचौथ स्पेशल 499 से शुरू है।
दुर्गा सिटी सेंटर स्थित एक्सप्रेशंस यूनिसैक्स सलून के निशीथ भटनागर बताते हैं कि हमने करवाचौथ के लिए खास लाइट पार्टी मेकअप पैकेज तैयार किया है। 750 रुपये के न्यूनतम पैकेज को महिलाओं का अच्छा रिस्पांस मिला। मजेदार बात यह है कि यह सभी पार्लर अपने नियमित ग्राहकों को व्हाट्स एप पर अपने पैकेज बताते रहते हैं। साथ ही अपने-अपने फेसबुक पेज के जरिये सुंदरता निखारने के तरीके बताते हैं।
कश्मारा और ओथ्री प्लस हैं सबसे महंगे
इस समय शहर में सबसे महंगे फेशियल कश्मारा और ओथी प्लस हैं। आमतौर पर फेशियल का निखार तीन दिन बाद झलकता है वहीं इन दो फेशियल का निखार अगले दिन ही दिखने लगता है। शनिवार को अधिकतर पार्लरों में इसकी खूब मांग हुई।
करवा चौथ पर बाजारों में लौटी रौनक
करवा चौथ पर नोटबंदी की मार और जीएसटी से मंदी झेल रहे कारोबार को राहत मिली है। शनिवार को साप्ताहिक बंदी के बाद भी बाजार की ज्यादातर सोने चांदी के आभूषण, कपड़े, साज सज्जा की दुकानें खुली रहीं। इन दुकानों पर दिन भर महिलाओं का तांता लगा रहा।
सरगई ने बढ़ाई रबड़ी और इमरती की मांग
करवा चौथ पर रीति रिवाज के अनुसार सास अपनी बहू को सरगई देती है। इसमें बहू को रबड़ी, इमरती और अन्य मिठाइयां भी खाने को भेंट करती है। इस रस्म को अदा करने के लिहाज से देर रात तक मिठाई की दुकानों पर रबड़ी और इमरती खरीदने वालों की भीड़ रही।