हल्द्वानी-नैनीताल राष्ट्रीय राजमार्ग पर दो-गांव के पास दरकी पहाड़ी पर अटकी चट्टानों को विस्फोटक से तोड़ने और सड़क पर पड़े मलबे को फेंकने का काम शुक्रवार को दिन भर जारी रहा। इससे कई बार एनएच पर यातायात रोका गया।
इस दौरान हल्द्वानी से पहाड़ को आने-जाने वाले छोटे-बड़े वाहन वाया भीमताल गुजारे गए। शनिवार को चट्टानों को तोड़ने के लिए 17 बार विस्फोट किए गए।
बताते चलें कि बुधवार को एनएच पर दो गांव के पास पहाड़ी का 40 मीटर से अधिक हिस्सा भरभराकर एनएच पर आ गिरा था। विभागीय अधिकारियों ने दिन-रात सड़क खुलवाने का काम किया।
इसके बावजूद 24 घंटे बाद एनएच पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकी। तब भी दरकी पहाड़ी में कई जगह पर चट्टानें और बोल्डर ऐसी स्थिति में थे कि वह कभी भी गिरकर एनएच को बाधित कर सकते थे।
डीएम के निर्देश के बाद विभागीय अधिकारियों ने पहाड़ी पर अटकी चट्टानों को तोड़ने के लिए विस्फोटक किए और शनिवार को दिन भर चट्टानों को तोड़ने और मलबा फेंकने का काम युद्ध स्तर पर जारी रहा, लेकिन विषम परिस्थितियों में चट्टान गिरने का भय और लगातार यातायात के दबाव के चलते कार्य बाधित हो रहा था।
शनिवार की दोपहर 12:45 बजे एनएच के अधिकारियों ने हल्द्वानी-नैनीताल रोड पर वाहनों की आवाजाही रोकने के साथ ही चट्टान को तोड़ने के लिए विस्फोट शुरू किए। लगभग दो घंटे तक यह काम चलता रहा।
इस दौरान हल्द्वानी से पहाड़ को आने जाने वाले वाले वाहन वाया भीमताल होकर गुजरे। देर शाम साढ़े चार बजे फिर से विस्फोटक की मदद ली गई और इस दौरान घंटे भर तक वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही।
एनएच के ईई महेंद्र कुमार ने बताया कि शनिवार को चट्टानों को तोड़ने के लिए कुल 17 विस्फोट किए गए और अधिकांश खतरनाक चट्टानों को तोड़ दिया गया है। उन्होंने बताया कि अगले दो दिनों तक अभी चट्टानों को तोड़ने का काम जारी रहेगा।
इस दौरान सहायक अभियंता एमबी थापा, बालम सिंह जैनी, काठगोदाम के थानाध्यक्ष और ज्योलीकोट के चौकी प्रभारी आदि भी मौके पर मौजूद रहे।