हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल के ब्लड बैंक में खून की कमी के चलते अब पीजी (पोस्ट ग्रेजुएट) और जेआर (जूनियर रेजीडेंट) के कहने से खून नहीं मिलेगा। ओ पॉजिटिव ग्रुप को छोड़कर एसटीएच में अन्य ब्लड ग्रुप के खून खत्म हो चुके हैं।
सुशीला तिवारी अस्पताल के ब्लड बैंक में एक माह से खून का संकट है। पीजी और जेआर लाइफ सेविंग के नाम पर ब्लड बैंक से खून मंगवा रहे हैं। साथ ही खून नहीं मिलने की स्थिति में मरीज के जीवन पर संकट होने पर ब्लड बैंक की जिम्मेदारी होने की बात कही जा रही है। खून की कमी को देखते ब्लड बैंक ने अस्पताल के एमएस डॉ. अरुण जोशी से प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के कहने पर खून दिया जाएगा।
एसटीएच में खून का संकट
पीजी और जेआर को भी नहीं मिलेगा खून
फैकल्टी के लिखने पर ही एसटीएच के ब्लड बैंक से दिया जाएगा खून
ओ पॉजिटिव को छोड़कर सभी ब्लड ग्रुप के खून खत्म होने के कगार पर
एसटीएच के ब्लड बैंक में खून की उपलब्धता यूनिट में
ए पॉजिटिव 6, बी पॉजिटिव 9, ओ पॉजिटिव 44, एबी पॉजिटिव 12, ए निगेटिव 1, बी निगेटिव 3 और एबी निगेटिव 3
पीजी और जेआर के कहने पर अब खून नहीं दिया जाएगा। इसकी जानकारी एमएस को भी दी गई है। फैकल्टी से वेरिफिकेशन होने पर ही ब्लड बैंक से खून दिया जाएगा। -डॉ. सलोनी उपाध्याय, ब्लड बैंक प्रभारी
लाइफ सेविंग के नाम पर सभी लोग खून ले जाते हैं। लाइफ को खतरा होने वाले मरीज तक ही खून जा रहा है इसके लिए फैकल्टी के डॉक्टरों से सत्यापन करने को कहा गया है। -डॉ. अरुण जोशी, एमएस एसटीएच
बेस अस्पताल में एबी निगेटिव खून खत्म
हल्द्वानी। सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल में भी खून की कमी है। ओ पॉजिटिव को छोड़कर अन्य ग्रुप का खून कम है। एबी निगेटिव खून खत्म हो चुका है। एसटीएच में खून की कमी होने के बाद मरीज बेस अस्पताल खून लेने के लिए पहुंच रहे हैं। सबसे अधिक बी पॉजिटिव खून की जरूरत मरीजों को पड़ रही है। बेस अस्पताल में ए पाजिटिव 24, बी पॉजिटिव 21, ओ पॉजिटिव 77, एबी पॉजिटिव 12, ए निगेटिव 03, बी निगेटिव 01, ओ निगेटिव 04 यूनिट बचा है। पैथोलॉजिस्ट डॉ. उषा भट्ट ने बताया कि तीन से चार दिन में ब्लड बैंक में खून की कमी हो सकती है।
आज से नहीं लग पाएंगे रैबीज के इंजेक्शन
एंटी रैबीज वैक्सीन खत्म, दस वॉयल वैक्सीन से चला काम, 22 से अधिक को लगाए इंजेक्शन
हल्द्वानी। आवारा कुत्तों का शिकार होने वाले मरीजों को बुधवार से सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल में एंटी रैबीज के इंजेक्शन नहीं लग पाएंगे। यह इंजेक्शन एक माह के भीतर तीसरी बार खत्म हुए हैं।
सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल मेें मंगलवार को 22 मरीजों को एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाए गए। यहां शेष बची दस एंटी रैबीज वायल से काम चलाया गया। एंटी रैबीज वैक्सीन के 180 वायल पिछले सप्ताह खरीदे गए थे। मार्च में एक हजार एंटी रैबीज वैक्सीन देहरादून स्वास्थ्य महानिदेशालय से मांगे गए थे, जो नहीं आए हैं। सूत्रों की मानें तो बुधवार से एंटी रैबीज वैक्सीन मरीजों को बाहर से खरीदकर लानी पड़ेगी। इस संबंध में बेस अस्पताल के कार्यवाहक सीएमएस डॉ. एसके शाह का कहना है कि लोकल स्तर पर एंटी रैबीज वैक्सीन खरीदने के लिए शनिवार को ऑर्डर कर दिया था। बुधवार सुबह तक वैक्सीन आ जाएगी।
पैर और हाथ के एक्सरे हुए
हल्द्वानी। सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल में एक्सरे मशीन खराब होने से मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। मंगलवार को मशीन को किसी तरह चलाकर हाथ और पैर के एक्सरे किए गए। सूत्रों की मानें तो एक्सरे मशीन चलाने पर कंट्रोल पैनल से जलने की गंध आ रही है। एक्सरे मशीन एक-दो दिन में ठीक हो सकती है।
डायरिया के 11 मरीज भर्ती
हल्द्वानी। डायरिया का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को डायरिया पीड़ित 11 बच्चों को सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल के बाल रोग वार्ड में भर्ती कराया गया। 16 अप्रैल को डायरिया के कारण ही एक वर्षीय मासूम की मौत हो गई थी। डायरिया के मरीज बढ़ने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग चेत नहीं रहा है। किसी भी तरह का जन जागरूकता अभियान भी नहीं चलाया जा रहा है।