हल्द्वानी। प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक पदों पर तैनात शिक्षा मित्रों की नौकरी पर तलवार लटक गई है। 31 मार्च तक सहायक अध्यापक पद के लिए शैक्षिक अर्हता पूरी न करने पर उनको हटाया जाएगा। इन पदों को खाली मानकर विभाग विज्ञप्ति भी जारी कर देगा। शिक्षा निदेशक ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।
राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद के नियमों के अनुसार 31 मार्च 2015 तक नियुक्त अध्यापकों और शिक्षा मित्रों को शैक्षिक एवं प्रशिक्षण अर्हता पूर्ण करने के लिए चार वर्ष का समय दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने भी 25 जुलाई 2017 को दिए गए आदेश में प्राथमिक विद्यालयों में तैनात शिक्षा मित्रों और शिक्षकों को योग्यता पूरी करने के लिए 31 मार्च 2019 तक का समय दिया था। राज्य के शिक्षा निदेशक आरके कुंवर ने सभी सीईओ को शिक्षा मित्रों को लेकर आदेश जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार अगर प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात शिक्षा मित्र 31 मार्च तक शैक्षिक अर्हता पूरी नहीं करते हैं तो उनका पत्र रिक्त समझा जाए। इस पर को रिक्त पद मानते हुए विज्ञप्ति जारी की जाए। निदेशक ने यह भी कहा है कि अगर केंद्र सरकार या सुप्रीम कोर्ट इस मामले में कोई आदेश जारी करते हैं तो उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
सहायक अध्यापक पद पर तैनात शिक्षा मित्रों पर लटकी तलवार
31 मार्च तक शैक्षिक अर्हता पूरी नहीं करने पर हटाए जाएंगे