हल्द्वानी। राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष दान सिंह रावत का कहना है कि प्रदेश में सहकारी समितियों को बहुउद्देश्यीय बनाया गया है। समितियां मॉल विलेज के रूप में एक ही छत के नीचे लोगों को सभी सुविधाएं उपलब्ध करा सकेंगी। पैक्स समितियों को सूचना प्रौद्योगिकी से भी जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
कालाढूंगी रोड स्थित एक बारात घर में राज्य सहकारी बैंक की वार्षिक सामान्य निकाय की बैठक में बैंक अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार ने सहकारी समितियों के ढांचागत विकास के लिए 3340 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए हैं। किसानों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए सहकारी समितियां छोटी मंडी के रूप में काम करेंगी। किसानों के उत्पादों का समर्थन मूल्य भी घोषित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरफेसी एक्ट 2002 के तहत 16.40 करोड़ रुपये वसूले गए हैं। 22 परिसंपत्तियों पर कब्जा कर उनकी नीलामी की प्रक्रिया चल रही है। एनपीए दर में वृद्धि हुई है लेकिन यह नियंत्रण में है। बैंक के प्रबंध निदेशक दीपक कुमार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2017-18 में कुल विनियोजन 1022.84 करोड़ रुपया रहा। इसमें बैंक को 12.69 करोड़ रुपये शुद्ध लाभ हुआ।
7.5 प्रतिशत मिलेगा लाभांश
राज्य सहकारी बैंक की एजीएम में निदेशकों और सदस्यों ने कहा कि बैंक लाभ की स्थिति में है लिहाजा बैंक के अंशधारकों के लाभांश में वृद्धि कर इसे 9 प्रतिशत किया जाए। नैनीताल डिस्ट्रिक्ट कोआपरेटिव बैंक के अध्यक्ष राजेंद्र नेगी ने लाभांश 9 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा। सदस्यों और प्रबंधन की काफी जद्दोजहद के बाद बैंक अध्यक्ष दान सिंह रावत ने लाभांश 7.5 प्रतिशत किए जाने की घोषणा की।
राज्य सहकारी बैंक का बनेगा डाटा सेंटर
देहरादून डीसीबी अध्यक्ष अमित चौहान ने बैंक का अपना डाटा सेंटर बनाने का प्रस्ताव रखा। अब तक बैंक विप्रो के बंगलुरु स्थित डाटा सेंटर पर निर्भर है। इसे प्रदेश में किसी एक स्थान पर बनाए जाने का प्रस्ताव पारित हुआ। अब जल्द राज्य सहकारी बैंक का डाटा सेंटर होगा।