हल्द्वानी। चारों तरफ जंगल से घिरे हल्द्वानी शहर की हवा भी प्रदूषित हो गई है। यह बात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) की जांच में सामने आई है। पीसीबी की रिपोर्ट के अनुसार सामान्य तौर पर पीएम-10 का मानक 100 माइक्रोग्राम प्रति एमक्यू (माइक्रोग्राम क्यूबिक मीटर) होना चाहिए, जबकि एक नवंबर को पीसीबी ने प्रदूषण का मापन किया है, उसमें हल्द्वानी में पीएम-10 का आंकड़ा 120.8 माइक्रोग्राम पहुंचने की बात सामने आई है।
दिल्ली के प्रदूषण को लेकर चर्चा और चिंता हो रही है, पर हल्द्वानी शहर भी उसी तरफ बढ़ रहा है। विभिन्न कारणों के चलते हल्द्वानी की आबोहवा प्रदूषित हो रही है। पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी डीके जोशी के अनुसार वायु प्रदूषण के मापन के लिए शहर में दो अलग-अलग स्थानों पर मशीनों को लगाया गया था। मौजूदा समय में शहर की आबोहवा प्रदूषण की श्रेणी में है।
हल्द्वानी की आबोहवा भी हो गई ‘प्रदूषित’
100 माइक्रोग्राम प्रति एमक्यू के बजाय 120.8 माइक्रोग्राम पहुंचा पीएम-10 आंकड़ा
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जांच में खुलासा
दिवाली : पिछले साल का रिकॉर्ड टूटा
हल्द्वानी। सामान्य दिनों के अलावा दिवाली (सात नवंबर) में भी वायु प्रदूषण ज्यादा मिला है। पीसीबी की रिपोर्ट के अनुसार 2017 में दिवाली में यह आंकड़ा 216.4 माइक्रोग्राम प्रति एमक्यू था। इस बार ये बढ़कर 221.7 माइक्रोग्राम प्रति एमक्यू तक पहुंच गया। क्षेत्रीय अधिकारी जोशी के अनुसार इस बार दिवाली में पहली बार एसओएक्स सल्फर डाई ऑक्साइड, सल्फर ट्राई ऑक्साइड-31.4 माइक्रोग्राम, नाइट्रोजन ऑक्साइड 23.2 माइक्रोग्राम की भी रिपोर्टिंग की गई है।
वायु प्रदूषण के कारण
- वाहन
- उद्योग
- जनरेटर और पटाखे
- रासायनिक उर्वरक और कीटनाशक पदार्थ