हल्द्वानी। शहरवासियों को पेयजल किल्लत से निजात नहीं मिल रही है। कई नलकूपों की मोटर फुंकने का सिलसिला जारी है। अब तहसील परिसर के नलकूप की मोटर भी फुंक गई है। पेयजल किल्लत से जूझ रहे लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। लोगों को जलसंस्थान के टैंकरों से भी पर्याप्त पेयजल नहीं मिल पा रहा है। पेयजल किल्लत से परेशान लोगों को निजी टैंकरों से पानी खरीदना पड़ रहा है।
पनियाली, बिठौरिया में लंबे समय से नलकूप खराब हैं। गौलापार के बसंतपुर, प्रतापपुर के नलकूप बिजली की वोल्टेज की वजह से अक्सर बंद किए जा रहे हैं। दमुवाढूंगा के संगम विहार में पिछले तीन महीनों से पेयजल सप्लाई ठप है। क्षेत्रवासी कई बार जलसंस्थान के अधिकारियों के फरियाद कर चुके हैं। मगर उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। बृहस्पतिवार शाम को तहसील परिसर स्थित नलकूप भी खराब हो गया है। नलकूप खराब होने से शहर के नैनीताल रोड, मंगल पड़ाव, बाजार क्षेत्र सहित कई इलाकों में आपूर्ति ठप हो गई है। प्रभावित क्षेत्रवासियों ने जल्द पेयजल संकट से निजात दिलाने की मांग की है। इधर, जलसंस्थान के ईई संतोष कुमार उपाध्याय का कहना है कि नलकूप की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है। तीन-चार दिन में सप्लाई बहाल कर दी जाएगी। अन्य नलकूपों की मोटरें बदलने का काम किया जा रहा है।
पेयजल वितरण की वैकल्पिक व्यवस्था अपर्याप्त
हल्द्वानी। शहर में पेयजल किल्लत बढ़ती जा रही है। जलसंस्थान ने पेयजल किल्लत से निपटने के लिए कई वैकल्पिक उपाय बताए थे लेकिन इसके माहभर बाद भी जलसंस्थान के दावे धरातल पर नजर नहीं आ रहे हैं। इस कारण पेयजल किल्लत से निपटने के जलसंस्थान के दावे हवाई साबित हो रहे हैं। शहर में पेयजल किल्लत बढ़ती जा रही है। गर्मियों में पेयजल किल्लत से निपटने के लिए जलसंस्थान ने लीकेज लाइनों की मरम्मत, नई लाइन बिछाने, नलकूपों के लिए अतिरिक्त मोटरों की व्यवस्था करने, अतिरिक्त टैंकरों से पेयजल बांटने का दावा किया था, लेकिन जलसंस्थान ने पेयजल व्यवस्था के खास वैकल्पिक उपाय नहीं किए हैं। विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था के नाम पर मात्र निजी टैंकरों की ही व्यवस्था की है जबकि शहर के तमाम इलाकों में पेयजल किल्लत से लोग परेशान हैं। कई स्थानों पर लाइनों के लीकेज होने से पानी फिजूल बह रहा है। जलसंस्थान और नलकूप खंड के दर्जनभर से अधिक ट्यूबवेलों की मोटरें खराब हैं, लेकिन विभाग ने मोटर बदलने, लीकेज लाइनों को ठीक कराने का काम शुरू नहीं किया है।