हल्द्वानी। नंधौर नदी में खनन शुरू होते ही चोरगलिया और गौला पार के ग्रामीणों में टकराव के आसार पैदा हो गए हैं। गौला पार के ग्रामीणों का आरोप है कि वन निगम नंधौर नदी में खनन वाहनों के पंजीयन में उन्हें आवेदन नहीं करने दिया जा रहा है।
जिला पंचयत सदस्य प्रकाश चंद्र गरजौला के नेतृत्व में गौलापार के दर्जनों वाहन स्वामी बुधवार को कुसुमखेड़ा स्थित डीएलएम नंधौर के दफ्तर में पहुंचे। यहां उन्होंने वन निगम के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। आरोप लगाया कि नंधौर में खनन पंजीयन के लिए सिर्फ चोरगलिया के वाहनों को वरीयता दी जा रही है जबकि गौला पार के बेरोजगार युवा यूं ही घूम रहे हैं। डीएलएम प्रेम सिंह वोहरा ने समझाने की कोशिश की लेकिन वे नहीं माने। इस पर दोनों पक्षों की जमकर नोक झोंक भी हुई। आरएम एमपीएस रावत भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने भी वाहन स्वामियों को समझाया। बाद में समझौता हुआ कि 2015-16 में चोरगलिया गेट पर पंजीकृत सभी वाहनों का नवीनीकरण किया जाएगा। अब इन वाहनों में चोरगलिया और गौलापार नहीं देखा जाएगा। घेराव करने वालों में पान सिंह मेवाड़ी, राजू कार्की, राजेंद्र चुफाल, प्रकाश बिष्ट, नरेश कन्याल, नरेंद्र चुफाल, मनोज, भानू पाठक, मोहित, सुनील भट्ट गिरीश चंद्र, गणेश वोरा, डूंगर सिंह आदि शामिल थे।