हल्द्वानी। शहर के युवा तेजी से नशे जैसी गंभीर बीमारी की गिरफ्त में आ रहे हैं। अब युवाओं के ऊपर खुद को बचाने के साथ-साथ समाज को बचाने की जिम्मेदारी है। समाज को सही दिशा में लाने के लिए युवकों का सहयोग करने के लिए पुलिस तैयार है। यह बातें एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव ने बृहस्पतिवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला में कही। आईटीआई में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि हल्द्वानी में तस्करों और नशेड़ियों दोनों की संख्या बढ़ी है। 2016 में 30 मुकदमे दर्ज हुए और 2017 में 90 से अधिक मुकदमे दर्ज कर पुलिस ने तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। डॉक्टर यदि कोई दवा लिखता है तो वह शरीर की रक्षक बनती है लेकिन यदि उसे नशा के रूप में लेते हैं तो शरीर के लिए घातक बन जाती है। दोस्तों के बहकावे में आकर एक भी युवाओं को नशे का प्रयोग नहीं करना चाहिए। तस्कर नशेड़ियों से ही स्मैक बिकवाते हैं।
नियम तोड़ने पर डेढ़ करोड़ जुर्माना
एसपी सिटी ने बताया कि सीपीयू और पुलिस ने यातायात का नियम तोड़ने पर पिछले साल डेढ़ करोड़ जुर्माना वसूला है। यदि लोग यातायात के नियमों का पालन करें तो न सिर्फ पैसे बच सकते हैं बल्कि हादसों पर भी अंकुश लग सकता है।
गांव में एक व्यक्ति के शराब पीने से उसकी जवानी बबार्द हो गई। समाज के लोग उसे हेय दृष्टि से देखने लगे। उसे क्या करना चाहिए। -उमेश चंद्र भट्ट
युवाओं को नशे से खुद बचना चाहिए। नशेड़ियों को नशा छुड़ाने के लिए अपने अभिभावकों, अध्यापकों और पुलिस की मदद लेनी चाहिए।
किच्छा में काफी संख्या में लोग स्मैक बेचते हैं। पुलिस उन तक नहीं पहुंच पाती। -रवि मिश्रा
सटीक जानकारी देंगे तो तत्काल ऊधमसिंहनगर पुलिस को सूचना देकर तस्करों को पकड़वा जाएगा।
अक्सर सुनने में आता है कि लड़कों से अधिक लड़कियां स्मैक पीती है। -हिमांशु जोशी
गलत सूचना है। लड़के अधिक स्मैक पीते हैं लेकिन पुलिस इस मामले में विभेद नहीं करती है।
सीपीयू जैसे बगैर हेलमेट लोगों को पकड़ती है ऐसे ही नशेड़ियों और तस्करों के खिलाफ अभियान क्यों नहीं चलता। -शुभम जीना
बगैर हेलमेट में सौ रुपये का जुर्माना लगता है लेकिन नशे में पकड़े जाने पर गंभीर धाराओं में युवा गिरफ्तार हो सकते हैं। दोनों की बराबरी नहीं की जा सकती है।
दुकानें बंद होने से नशा कम हो जाएगा। इस प्रकार नशेड़ी नशा नहीं खरीदेंगे। यह संभव हो सकता है। -बृजेश
दुकानें बंद होने से नशा बंद नहीं हो सकता है। उसे अवैध रूप से खरीदने और बेचने वालों की संख्या बढ़ जाएगी। ऐसे हालात में लोगों को पकड़ना मुश्किल हो जाएगा। अवैध सामान जहर का भी काम कर सकता है।
स्मैक पीने वाले पकड़े जाते हैं लेकिन जल्द छूट भी जाते हैं। ऐसा क्यों है। -राहुल माथुर
कोशिश रहती है कि नशेड़ी नशा छोड़ दें, यदि नहीं सुधरते हैं तो कानूनी कार्रवाई की जाती है।
इन्होंने भी पूछे सवाल
विशाल सिंह फर्त्याल, नीरज, महेंद्र सिंह नगरकोटी, विनोद त्रिपाठी, नंदन बिष्ट, दीपक पलड़िया, राम प्रसाद, मोबीन, मनजीत सिंह खुराना