हल्द्वानी। उच्चशिक्षा निदेशक, दो प्राचार्यों और असिस्टेंट प्रोफेसर के निलंबन के विरोध में कर्मचारियों के साथ ही अब एनएसयूआई भी मैदान में आ गई है। पुलिस प्रशासन की रोक के बावजूद एनएसयूआई ने शनिवार को एमबी कॉलेज के मुख्य गेट पर अपना तंबू लगा दिया है। कार्यकर्ताओं ने उच्चशिक्षामंत्री के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। वहीं, एनएसयूआई में आपसी गुटबाजी के चलते धरने पर सिर्फ मुठ्ठी भर कार्यकर्ता ही जुट पाए।
पूर्वाह्न करीब 11 बजे एनएसयूआई कार्यकर्ता कॉलेज गेट पर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। जिलाध्यक्ष विशाल सिंह भोजक ने कहा कि संगठन निलंबित अफसरों की बहाली के लिए आंदोलन करने में पीछे नहीं रहेगा। छात्रसंघ चुनाव में प्रत्याशी रहीं मीमांशा आर्य ने कहा कि सोमवार से आंदोलन तेज किया जाएगा। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष लाल सिंह पवार ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव में हस्तक्षेप करने के कारण हुई छीछालेदर का बदला उच्चशिक्षामंत्री ने यह कार्रवाई करके लिया है। कुमाऊं विवि छात्रमहासंघ के पूर्व अध्यक्ष रविंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि उच्चशिक्षा विभाग अफसरों के निलंबन कार्रवाई कर मनमानी की है। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष देवेंद्र नेगी ने कहा कि मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष और कांग्रेस के प्रदेश सचिव ललित जोशी ने भी धरने पर पहुंच कर समर्थन किया। धरना-प्रदर्शन में शैलेंद्र सिंह दानू, तनय भोजक, ऋषभ बिष्ट, उपेंद्र देउपा, विक्रम कोरंगा, हर्षित जोशी, ललित तिवारी, प्रियंका जोशी, नीमा कोठारी, मनीषा जोशी, युवा कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष राजू रावत, रिजवान, चंदन संबल, रोहित बल्यूटिया, नवीन गोस्वामी, गजेंद्र संबल, मोहित कुमार आदि थे।