हल्द्वानी। जिले का रामगढ़ और धारी ब्लाक फल पट्टी क्षेत्र के रूप में प्रसिद्ध है। यहां एक ओर सैकड़ों परिवारों की रोजी रोटी प्रत्यक्ष रूप से सेब उत्पादन से जुड़ी है वहीं कई परिवार अप्रत्यक्ष रूप से भी इस कारोबार से जुड़े हैं। इस बार न केवल उद्यानपति बल्कि आम काश्तकार भी मायूस है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस बार अब तक न तो बर्फबारी हुई और न ही बारिश। ऐसे में सूखे का सीधा असर सेब समेत अन्य फलों की पैदावार पर पड़ना तय है।
उद्यान विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले के रामगढ़, धारी और ओखलकांडा ब्लाक में 1243 हेक्टेयर भूमि पर सेब के बगीचे हैं, जिनसे हर साल औसतन 9070 मैट्रिक टन सेब का उत्पादन होता है। फल पट्टी क्षेत्र के उद्यानपति पिछले कुछ साल से डेलीसस, फैनी, रेड डेलीसस, गोल्डन डेलीसस और राइमर जैसी परंपरागत प्रजातियों के साथ-साथ स्पर प्रजाति की गाला, रेड गाला, जिंजर गोल्ड, रेड चीफ जैसी प्रजातियों के सेब का उत्पादन कर रहे हैं। श्यामखेत के सेब उत्पादक और ग्राम प्रधान संजय जोशी बताते हैं पर्याप्त नमी न मिलने के कारण सेब के पौधे बुरी तरह से प्रभावित हैं इसका असर उत्पादन पर पड़ना तय है।
किसान संगठन के संयोजक प्रदीप बिष्ट व पोखराड़ गांव निवासी किशन सिंह का कहना है कि सेब के बगीचों में अप्रैल में बौर आता है। दिसंबर अंतिम सप्ताह से लेकर जनवरी तक सेब के पेड़ों को कम से कम साठ घंटे तक शून्य डिग्री तापमान की जरूरत होती है और यह तभी होता है जब हिमपात हो। पहाड़ में चटक धूप के कारण तापमान बढ़ रहा है इसका असर बगीचों पर नजर आ रहा है। वह बताते हैं कि कई जगह सेब के पेड़ों में नई कोपलें आने लगी हैं, जबकि इस समय सेब का पौधा पूरी तरह से निष्चेतक अवस्था में रहता है। वह बताते हैं कि बरसात और हिमपात न होने से फलों की सैटिंग व ग्रोथ में भी असर पड़ता है। सरना गांव निवासी प्रकाश सिंह, धानाचूली निवासी हरेंद्र सिंह और श्यामखेत के ग्राम प्रधान संजय जोशी का कहना है कि बर्फबारी और बरसात न होने के कारण सेब का उत्पादन तो प्रभावित होगा ही साथ ही सेब के पेड़ों में उली एफिस नामक बीमारी की भी संभावना बनी हुई है।
सेब की पैदावार के लिए बर्फबारी का होना जरूरी है। जितनी ज्यादा बर्फबारी होगी उतना ही सेब का उत्पादन अधिक होता है लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। हिमपात न होने के कारण फल पट्टी क्षेत्र में 20 से 25 फीसदी तक सेब का उत्पादन प्रभावित हो सकता है। -टीएन पांडे, ज्येष्ठ उद्यान निरीक्षक