हल्द्वानी। गौला नदी में मंगलवार को मोटाहल्दू गेट पर फंसे सभी 161 वाहनों की निकासी की गई। इस दौरान गेट पर नए वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रही। वहीं गोरापड़ाव गेट पर 125 वाहन सूर्यास्त के चलते नदी में ही रह गए।
मंगलवार को सूरज निकलते ही गौला नदी के चारों गेट पर वाहन खनन के लिए पहुंच गए। वन विकास निगम ने आंवला चौकी गेट, गोरापड़ाव, बेरीपड़ाव में वाहनों को प्रवेश करने दिया जबकि मोटाहल्दू में एक दिन पूर्व 161 वाहन नदी में ही रह गए थे, इसलिए इस गेट पर वाहनों को अंदर नहीं जाने दिया। नदी में सूर्यास्त तक खनन किया गया। वन निगम के आंकड़ों के मुताबिक बेरीपड़ाव में सबसे ज्यादा खनन 32026 क्विंटल उप खनिज की निकासी हुई जबकि सबसे कम मोटाहल्दू से हुई। इसी तरह सबसे ज्यादा वाहन गोरापड़ाव गेट में घुसे और सबसे कम आंवला चौकी में पहुंचे। कुल मिलाकर मंगलवार को 1260 वाहनों से 101355 क्विंटल उपखनिज की निकासी की गई।
खनन का गेटवार आंकड़ा
गेट नदी में घुसे उप खनिज निकासी नदी में रहे वाहन
वाहनों की संख्या
आंवला चौकी 309 24,397 क्विंटल -
गोरापड़ाव 520 31,608 क्विंटल 125
मोटाहल्दू 161 13,324 क्विंटल
बेरीपड़ाव 395 32026 क्विंटल
आज लालकुआं में बंद रहेगा खनन
लालकुआं में बुधवार को साप्ताहिक बंदी होती है इसकी वजह से बुधवार को मोटाहल्दू, बेरीपड़ाव दोनों गेट बंद रहेंगे। इन गेटों पर खनन काम नहीं किया जाएगा।
उप खनिज भरान को लेकर वन निगम कर्मियों से बहस हो रही
उप खनिज निकासी गेटों पर वाहन स्वामियों की वाहन में उपखनिज भरने को लेकर वन निगम कर्मियों से बहस हो रही है। कर्मी जहां कम-कम उपखनिज भरने को कह रहे हैं, वहीं वाहन स्वामी 90 क्विंटल से ज्यादा भर रहे हैं, जब कर्मी अनुमति से अधिक खनिज को वाहन से निकलवा रहे हैं तो वाहन स्वामी कर्मियों से भिड़ जा रहे हैं। मोटाहल्दू गेट की हालत सबसे ज्यादा खराब है।