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कहीं बंद न हो जाए कुमाऊं की एकमात्र हार्ट केयर यूनिट

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अल्मोड़ा। करीब एक साल पहले अल्मोड़ा के बेस अस्पताल में हार्ट रोगियों के इलाज के लिए स्थापित की गई कुमाऊं की एकमात्र हार्ट केयर यूनिट का भविष्य खतरे में नजर आ रहा है। प्रदेश सरकार और नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट के साथ हुए करार के तहत हार्ट केयर यूनिट में तैनात किए गए डाक्टरों और अन्य स्टाफ के 10 माह के वेतन आदि का सरकार की तरफ करीब एक करोड़ बकाया हो गया है। करार में यह भी तय था कि एक साल बाद प्रदेश सरकार हार्ट केयर यूनिट में मशीनें आदि लगा देगी और फिर ओपन हार्ट सर्जरी भी अल्मोड़ा में ही होने लगेगी, लेकिन एक साल बाद भी इस दिशा में भी कोई कार्यवाही नहीं हुई है। हालत यह है कि अनुबंध को दिसंबर के बाद आगे नहीं बढ़ाया गया तो हार्ट केयर यूनिट बंद होने की स्थिति में आ जाएगी।
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बता दें कि कई साल पहले हुई घोषणा के बाद पिछले साल तत्कालीन कांग्रेस सरकार और नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट के सीईओ डा.ओपी यादव के बीच अल्मोड़ा में हार्ट केयर यूनिट खोलने के लिए करार हुआ। नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट द्वारा हार्ट केयर यूनिट में दो हृदय रोग विशेषज्ञ, नर्स और तकनीकी स्टाफ समेत सात कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई।

मशीनें और अस्पताल आदि की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग की ओर से की गई है जबकि डाक्टरों और अन्य स्टाफ का वेतन राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाना है। नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट ने विपरीत परिस्थितियों में भी करार के अनुरूप पिछले एक साल से हार्ट केयर यूनिट में दो हृदय रोग विशेषज्ञों और अन्य स्टाफ को लगातार तैनात रखा है और लोगों को हार्ट केयर यूनिट का काफी लाभ मिल रहा है, लेकिन दूसरी तरफ पता चला है कि सरकार की ओर से हार्ट केयर यूनिट में तैनात डाक्टरों और अन्य स्टाफ के वेतन का 10 माह का करीब एक करोड़ रुपये का भुगतान करना है। बताया गया है कि एक साल होने को है, लेकिन अब तक सिर्फ दो माह का ही भुगतान हुआ है। हालत यह है कि अनुबंध को दिसंबर के बाद आगे नहीं बढ़ाया गया तो हार्ट केयर यूनिट बंद होने की स्थिति में आ जाएगी।
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