हल्द्वानी। नगर निगम का हाल भी गजब का है। निगम आपके द्वार नाम से एक कार्यक्रम जोरशोर से शुरू तो किया गया मगर न जनता को फायदा हुआ न ही अधिकारियों में हरकत दिखी। 54 हजार खर्च करने के बाद 150 से अधिक समस्याएं आई लेकिन समाधान एक भी नहीं हुआ।
नगर निगम की ओर से दिसंबर और जनवरी में निगम आपके द्वार अभियान चलाया गया। इसके तहत करीब 24 वार्डों में खुली बैठक की गई। बैठक में मेयर और नगर आयुक्त की मौजूदगी में पार्षद और लोगों से उनके शिकायत और सुझाव मांगे गए। एक या दो वार्ड को मिलाकर एक खुली बैठक बुलाई गई थी। लोगों ने मेयर से डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन शुरू कराने, सफाई व्यवस्था, सीवर, सड़क के मरम्मत की मांग की गई। सहायक नगर आयुक्त विजेंद्र चौहान के अनुसार करीब 150 से अधिक समस्याएं आई। इसमें सफाई, स्ट्रीट लाइट, सीवर, सड़क की समस्याएं ज्यादा थीं। पांच महीने बीत गए, किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया। सफाई तो दूर मानसून सीजन से पहले सड़कों के गड्ढे भी नहीं भर पाए।
निगम आपके द्वार, शिकायतों का अंबार, नहीं हुआ बेड़ा पार
अभियान में 54 हजार डुबो दिए, एक समस्या का भी समाधान नहीं हुआ
नगर निगम की ओर से चलाए गए निगम आपके द्वार कार्यक्रम में 150 से अधिक समस्याएं आई हैं। समस्याओं पर काम चल रहा है। योजनाएं बनाई जा रही हैं। बजट आते ही इस पर काम शुरू हो जाएगा।
-चंद्र सिंह मर्तोलिया नगर आयुक्त
दो साल, तीन प्रस्ताव, पांच बार लगी आपत्ति
मुख्यमंत्री की घोषणाओं का हाल, नगर निगम और शासन में चल रहा फाइल इधर-उधर भेजने का खेल
हल्द्वानी। सरकारी सिस्टम में किस तरह काम होता है आप इस खबर से अंदाजा लगा सकते हैं। मुख्यमंत्री की घोषणाओं का अफसर पालन नहीं करा पा रहे हैं। तीन प्रस्तावों की घोषणा को दो साल हो गए मगर फाइलें शासन और नगर निगम में ही दौड़ रहीं हैं। पांच बार आपत्ति लग चुकी है।
अक्तूबर 2017 में तिकोनिया चौराहे के सौंदर्यीकरण के दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने विद्युत शवदाह गृह, पनचक्की चौराहे का सौंदर्यीकरण और जेल रोड चौराहे पर म्यूजिकल फव्वारे के निर्माण की घोषणा की थी। साथ ही नगर निगम से इसके प्रस्ताव बनाकर भेजने को कहा था। नगर निगम ने विद्युत शवदाह गृह की 3.60 करोड़, पनचक्की चौराहे का सौंदर्यीकरण के लिए 59.25 लाख और जेल रोड चौराहे पर म्यूजिकल फब्बारे के निर्माण की 64.75 लाख की डीपीआर बनाकर भेजी थी। शासन ने इन डीपीआर पर पांच बार आपत्ति लगाकर वापस कर दिया। अब नगर निगम ने आपत्ति का निस्तारण कर दोबारा डीपीआर शासन को भेजी है। नगर आयुक्त सीएस मर्तोलिया के अनुसार जो भी आपत्तियां थी, उसका निराकरण कर हाल में शासन को भेजा गया है।