हल्द्वानी। नदियों से नए खनन सत्र में नियमों में बदलाव देखने को मिलेगा। खनन के लिए रजिस्ट्रशन कराने वाले वाहन स्वामी को पहले इंफ्रारेड चिप लगानी होगी। इसके बिना किसी भी नदी में वाहनों का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा।
नैनीताल जिले के हल्द्वानी, चोरगलिया, लालकुआं, रामनगर में वन निगम नदियों में खनन कराता है। हल्द्वानी, लालकुआं में गौला नदी में 12 खनन गेट, नंधौर नदी पर नैनीताल जिले में चार, ऊधमसिंह नगर में एक, रामनगर की कोसी, दाबका नदी में सात खनन गेट हैं। हल्द्वानी और लालकुआं में करीब 7500, नंधौर नदी में 2300, रामनगर में करीब 2200 वाहन पंजीकृत हैं। पहले नदी में खनन वाहनों के पंजीकरण के लिए इंफ्रारेड चिप लगाना अनिवार्य नहीं था। वाहन के पंजीकरण के बाद चिप लगाया जाता था। हालांकि कई वाहन स्वामी सेटिंग कर वाहनों में चिप नहीं लगाते थे। इस कारण पता नहीं चल पाता था। वाहन गेट से गुजरने के बाद भी नहीं पकड़े जाते थे। वन निगम ने हाल ही में खनन से जुडे़ प्रभागों को नए सत्र में वाहनों में पंजीकरण से पहले चिप लगाना अनिवार्य कर दिया। जिस वाहन में चिप नहीं लगा होगा, उसका पंजीकरण ही नहीं होगा।
इंफ्रारेड चिप बिना नहीं होगा वाहनों का पंजीकरण
वन निगम ने नए खनन सत्र के लिए लागू किया नियम
खनन से 26 हजार परिवारों को मिलता है रोजगार
रामनगर, हल्द्वानी, चोरगलिया, लालकुआं में करीब 13 हजार वाहन खनन में पंजीकृत हैं। इन वाहनों से सीधे 13 हजार लोग खनन कारोबार से जुडे़ हैं। इतने ही मजदूर भी खनन क्षेत्र में काम करते हैं। इन नदियों से 26 हजार परिवार सीधे रोजगार से जुडे़ हैं।
अब खनन में पंजीकरण कराने वाले वाहनों में पहले ही इंफ्रारेड चिप लगानी अनिवार्य है। इसके बिना वाहन का पंजीकरण नहीं किया जाएगा।
- रमेश चंद्रा, जीएम, वन निगम