हल्द्वानी। एचएमटी फैक्ट्री की स्थापना के वक्त राज्य सरकार की ओर से दी गई 13.5 एकड़ जमीन प्रशासन ने अपने कब्जे में ले ली है। प्रशासन की ओर से उत्तराखंड राज्य सरकार की संपत्ति का बोर्ड भी लगा दिया गया है।
वर्ष 1985 में शुरू हुई एचएमटी फैक्ट्री की स्थापना के लिए वन विभाग और राज्य सरकार ने लीज पर जमीन दी थी जबकि फैक्ट्री का एक बड़ा हिस्सा लगभग 45 एकड़ एचएमटी प्रबंधन ने खुद खरीदा था। 22 मार्च 2019 को एचएमटी फैक्ट्री पर ताला जड़ दिया गया था। एचएमटी प्रबंधन ने अपनी 45.62 एकड़ जमीन के लिए नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रेक्शन कारपोरेशन (एनबीसीसी) ने बेचने के लिए ई टेंडर निकाले थे। राज्य सरकार के अधिकारियों ने अपनी 13.5 एकड़ जमीन के लिए पिछले सप्ताह पैमाइश की थी। नैनीताल के एसडीएम विनोद कुमार ने बताया कि रानीबाग में मौजूद सरकारी जमीन को चिह्नित कर लिया गया था। जिला प्रशासन ने अमृतपुर और जंतुआल गांव स्थिति 13.5 एकड़ भूमि रविवार को अपने कब्जे में ले ली। बताया कि पिछले दिनों एचएमटी प्रबंधन ने जिला प्रशासन को एक पत्र जारी कर कहा था कि फैक्ट्री बंद हो गई है और जमीन पर अपना कब्जा ले लें। रविवार को जमीन पर कब्जा लिया गया और बोर्ड भी लगा दिया गया।
एचएमटी की जमीन पर प्रशासन ने लिया कब्जा
13.5 एकड़ जमीन प्रशासन की थी, उत्तराखंड राज्य सरकार की संपत्ति का बोर्ड लगाया
सांसद से मिले कर्मचारी, श्रम मंत्री के नाम ज्ञापन
हल्द्वानी। एचएमटी प्रबंधन ने कर्मियों को किसी भी देयकों का भुगतान नहीं किया है। एचएमटी कामगार संघ ने रविवार को सांसद अजय भट्ट से मिलकर श्रम मंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि देयकों के भुगतान के बाद ही बंदी की अनुमति दी गई। संघ की ओर से नौ सूत्री मांग पत्र सांसद भट्ट को दिया गया। सांसद ने समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जा रहा है।
एचएमटी परिसर में शिफ्ट किया जाए हाईकोर्ट
हल्द्वानी। रानीबाग क्षेत्र के लोगों ने नैनीताल से हाईकोर्ट को शिफ्ट किए जाने की दशा में सबसे अच्छा विकल्प एचएमटी परिसर रानीबाग बताया है। उनका कहना है कि एचएमटी परिसर में हाईकोर्ट शिफ्ट करने से जहां करोड़ों रुपये की संपदा का सही इस्तेमाल होगा वहीं आवश्यक सुविधाओं का भी विस्तार होगा।
बैठक में रानीबाग विकास संघर्ष समिति के सचिव नारायण लाल चौधरी ने कहा कि रानीबाग काठगोदाम रेलवे स्टेशन के नजदीक है। पार्किंग के लिए यहां पर्याप्त स्थान है। पेयजल की भी बेहतर सुविधा है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य संजय साह और महेश भंडारी ने कहा कि यहां रहने के लिए बड़ी संख्या में आवासीय परिसर हैं। धीरज पंत ने कहा कि हाईकोर्ट रानीबाग बनाने से जाम की समस्या से निजात मिलेगी। शिक्षक दीपक नौगाई ने कहा कि नैनीताल भूकंप के जोन चार में है और पार्किंग आदि की समस्या का सामना करना पड़ता है। ग्राम प्रधान आनंद कुजरवाल ने कहा कि इस विकल्प पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।