हल्द्वानी। रामनगर वन प्रभाग के फतेहपुर रेंज से खैर के 14 पेड़ काटने की जांच अटक गई है। डीएफओ ने जिस एसडीओ को जांच सौंपी थी, उनका तबादला पिथौरागढ़ जिले में हो गया है। इस कारण वन दरोगा और वन आरक्षी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकी।
रामनगर वन प्रभाग के फतेहपुर रेंज से लकड़ी तस्करों ने खैर के 14 हरे पेड़ काट लिए थे। मौके पर कुछ लकड़ी पड़ी थी। इसके बाद डीएफओ बीपी सिंह ने रेंजर कैलाश पंत को अपने कार्यालय से अटैच कर दिया था। डीएफओ ने कालाढूंगी रेंज की टीम के साथ घटनास्थल के साथ आसपास के जंगलों की कांबिंग कराई थी। इसमें 14 पेड़ कटने की पुष्टि हुई थी। घटना के बाद डीएफओ ने एसडीओ नवीन चंद्र पंत को जांच सौंपी थी। जांच के बाद वन दरोगा और वन आरक्षी के खिलाफ आरोप पत्र के आधार पर कार्रवाई होनी थी। इसी बीच पंत का तबादला पिथौरागढ़ हो गया। इसके बाद पेड़ कटने में वन दरोगा और वनरक्षक की भूमिका की जांच अटक गई है। बताया जा रहा है कि एक सप्ताह बीतने के बाद भी मामले की जांच शुरू नहीं हो सकी।
पेड़ काटने के मामले में एसडीओ को जांच सौंपी गई थी। उनका तबादला हो गया है। अब दूसरे अधिकारी को जांच सौंपी जाएगी।
- भूपेंद्र प्रताप सिंह, डीएफओ, रामनगर वन प्रभाग।
जांच अधिकारी का पिथौरागढ़ तबादला
फतेहपुर रेंज में 14 पेड़ काटने की जांच अटकी
लकड़ी कब्जे में लेने को लेंगे कोर्ट से अनुमति
रुद्रपुर पुलिस ने 25 जून को एक स्कॉर्पियो से लकड़ी बरामद की थी। वन विभाग लकड़ी और वाहन की कस्टडी लेने के लिए कोर्ट से अनुमति लेगा। बताया जा रहा है कि विभाग फतेहपुर के रेंजर ने कस्टडी के लिए कोर्ट में अपना पक्ष भी रखा है। कोर्ट की अनुमति मिलने पर विभाग लकड़ी और बरामद वाहन कब्जे में लिए जाएंगे।