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गौला में सिल्ट आने से पेयजल सप्लाई ठप

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हल्द्वानी। बृहस्पतिवार को हुई बारिश से गौला नदी में भारी मात्रा सिल्ट आ गई, इससे जलसंस्थान के शीशमहल स्थित ट्रीटमेंट प्लांट में गंदे पानी की आपूर्ति हुई। काफी मात्रा में गंदा पानी आने से जलसंस्थान ने शहर की सप्लाई रोक दी और ट्रीटमेंट प्लांट नंबर एक की सफाई कराई। इस कारण शुक्रवार को शहर की पेयजल आपूर्ति बाधित रही। देर शाम सप्लाई सुचारु की गई।
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शहर की पेयजल सप्लाई गौला नदी से होती है। बारिश से गौला नदी में बलियानाला समेत कई नालों का गंदा पानी आने ट्रीटमेंट प्लांट में काफी मात्रा में सिल्ट जमा हो गई। पेयजल शोधन संयंत्रों को पेयजल शोधित करने में खासा समय लग रहा था। इस पर जलसंस्थान के ईई के निर्देश पर ट्रीटमेंट प्लांट संख्या एक की सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक सफाई कराई गई। प्लांट में पानी भरने के बाद रात को शहर की सप्लाई सामान्य की गई। इस दौरान नैनीताल रोड के अलावा बरेली रोड, गांधी स्कूल, शनि बाजार, गौजाजाली, रामपुर रोड की विभिन्न गलियों, भोलानाथ गार्डन समेत शहर के बड़े हिस्से की पेयजल आपूर्ति बाधित रही। जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता विशाल कुमार सक्सेना ने बताया कि फिल्टर प्लांट का सिल्ट इजेक्टर काफी पुराना होने से बड़ी मात्रा में आए सिल्ट को ठीक से साफ नहीं कर पा रहा था। प्लांट की पूरी तरह सफाई कराने के लिए पेयजल सप्लाई बंद की गई। देर शाम को पेयजल आपूर्ति सुचारु करा दी गई।


गौला में सिल्ट आने से पेयजल सप्लाई ठप
जलसंस्थान ने कराई ट्रीटमेंट प्लांट की सफाई, शाम को सामान्य हुई पेयजल आपूर्ति


गौला में ही जल संग्रहण टैंक बनाने पर दूर होगी सिल्ट की समस्या
जलसंस्थान शासन को भेजेगा टैंक बनाने का प्रस्ताव
हल्द्वानी। हर साल बरसात में गौला नदी में सिल्ट आने से शहर की पेयजल सप्लाई बाधित होने के साथ ही दूषित और गंदे पानी की आपूर्ति की शिकायत रहती है। जल संस्थान ने सिल्ट की समस्या से निजात पाने के लिए गौला में ही जल संग्रहण टैंक बनाने की जरूरत महसूस की है। शहर की पेयजल सप्लाई के प्रमुख स्रोत गौला नदी में बरसात में आसपास के नालों से भारी मात्रा में सिल्ट आ जाती है। इससे शहर की पेयजल सप्लाई पूरी तरह बाधित हो जाती है। इस समस्या से तभी निजात संभव है जब गौला बैराज के पास ही नदी में बड़ा जल संग्रहण टैंक बनाया जाए। जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता विशाल कुमार सक्सेना का कहना है कि गौला में अगर जल संग्रहण टैंक बनाकर उसमें सिल्ट इजेक्टर लगाया जाए तो उससे सिल्ट सीधे नदी में चली जाएगी और नहर में ताश के जरिये शुद्ध पेयजल की आपूर्ति ट्रीटमेंट प्लांट को होगी। उन्होंने बताया कि जल संग्रहण टैंक का प्रस्ताव काफी खर्चीला होगा। इससे विभागीय उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। उच्चाधिकारियों से निर्देश मिलने पर जल संग्रहण टैंक के लिए स्थल चयनित कर प्रस्ताव बनाया जाएगा।
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