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उच्चशिक्षा: 139 प्रवक्ताओं के प्रोफेसर बनने का रास्ता साफ

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हल्द्वानी। प्रदेश भर के डिग्री कॉलेजों के 139 प्रवक्ताओं की प्रोफेसर बनने की राह बुधवार को शासन के हस्तक्षेप के बाद साफ हो गई है। शासन ने जीओ में उच्चशिक्षा निदेशक को जवाबदेह बनाने को लेकर अंकित प्रस्तर संख्या तीन को पूर्ण रूप से विलोपित करने का आदेश जारी कर दिया है। अपर सचिव डॉ. अहमद इकबाल की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया। इसके बाद अब उच्चशिक्षा निदेशक को इस प्रकरण में फंसने को लेकर पैदा हुई शंकाओं का भी समाधान हो गया है।
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शासन नेे 11 जून को डिग्री कालेजों के 139 प्रवक्ताओं को यूजीसी के नियमों के तहत प्रोफेसर पद नाम और लाभ दिए जाने के आदेश जारी किए थे। 12 जून को उच्चशिक्षा निदेशालय ने प्रोफेसर पदनाम के शासनादेश को पृष्ठांकन कर सभी राजकीय महाविद्यालयों को भेज दिया। लेकिन 13 जून को दोपहर प्रभारी निदेशक डॉ. एससी पंत की ओर से इस शासनादेश को स्थगित करने के आदेश जारी कर दिए गए। इसके बाद इस पर हल्ला हुआ तो शाम को प्रभारी निदेशक ने फिर संशोधित आदेश जारी कर सभी महाविद्यालयों को भेजा। इसमें कहा गया है शासनादेश में शासन ने स्वीकृति इस शर्त के अधीन प्रदान की है कि निदेशक उच्चशिक्षा पुन: यह सुनिश्चित एवं परीक्षण कर लें कि संबंधित सेवक ने समस्त अर्हता पूर्ण कर ली हैं तथा किसी प्रकार की भिन्नता या विसंगति पाए जाने पर इसके जिम्मेदार निदेशक होंगे, बस इसी प्रस्तर तीन को आधार मानकर उच्चशिक्षा निदेशालय ने शासनादेश के लागू होने पर रोक लगा दी थी।
निदेशालय द्वारा प्रोफेसर पदनाम दिए जाने के जीओ पर कुंडली मारकर बैठने से प्रदेश भर के उच्चशिक्षा के शिक्षकों में निराशा छा गई थी। बुधवार को अपर सचिव डा. अहमद इकबाल की ओर से इस संबंध में प्रभारी निदेशक डा. एससी पंत को आदेश जारी किया गया। जिसमें कहा गया है कि प्रोफेसर बनाए जाने के जीओ में प्रस्तर संख्या तीन को पूर्ण रूप से विलोपित किया जाता है तथा जीओ में अन्य शर्तें यथावत लागू रहेंगी।
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