नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय का नया परिसर स्थापित करने को लेकर इन दिनों कवायद की जा रही है। विवि प्रशासन की नजर पटवाडांगर में जीबी पंत कृषि विश्वविद्यालय और एचएमटी के रानीबाग में खाली परिसर को तीसरे कैंपस के रूप में विकसित करने पर है। शासन से मुद्दे पर पत्राचार भी शुरू कर दिया गया है, लेकिन इन सबके बीच विवि के भीमताल कैंपस को पूर्ण परिसर का दर्जा देने की पूर्व घोषणा कहीं कागजों में दफन न हो जाए।
कुमाऊं विवि में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को संचालित करने के उद्देश्य से 1997 में विवि का भीमताल कैंपस स्थापित किया गया। यह कैंपस डीएसबी परिसर के अधीन है। स्थापना के समय यहां एमबीए पाठ्यक्रम शुरू किया गया, जबकि राज्य गठन के बाद जैव प्रौद्योगिकी एवं फार्मा (भेषज विज्ञान) स्नातक, परास्नातक स्तर पर शुरू किए गए। व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित होने के कारण इस परिसर को कुमाऊं विवि के प्रोफेशनल कैंपस के रूप में विकसित करने के साथ ही तीसरे परिसर का दर्जा देने की मांग उठने लगी। सकारात्मक मांग पर संज्ञान लेते हुए 2010 में राज्य के तत्कालीन सीएम डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने इसे पूर्ण परिसर का दर्जा देने की घोषणा की। सत्ता बदलने के कारण नौ सालों तक यह घोषणा कागजों में ही दफन रही। प्रो. डीके नौड़ियाल ने कुलपति रहते भीमताल परिसर को पूर्ण कैंपस का दर्जा दिलाने के लिए पहल शुरू की। जिस पर शासन की ओर से 2018 में कैंपस संबंधित पत्रावलियां मंगवा कर कार्रवाई शुरू कर दी। नए कुलपति प्रो. केएस राना की ओर से व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का संचालन करने के लिए अलग परिसर विकसित करने के लिए नए स्थान की तलाश भी की जा रही है।
नए की तलाश में कहीं गुम न हो जाए भीमताल के पूर्ण कैंपस की मांग
1997 में स्थापित किया गया कुमाऊं विवि का भीमताल कैंपस
2010 में सीएम डॉ. रमेश पोखरियाल ने की पूर्ण कैंपस का दर्जा देने की घोषणा
9 साल कागजों में दबी रही पूर्ण कैंपस बनाने की घोषणा
2018 में कुलपति प्रो. नौड़ियाल शासन से फिर शुरू किया पत्राचार
भीमताल परिसर को डॉ. निशंक से फिर उम्मीद
कुमाऊं विवि के भीमताल परिसर को पूर्ण परिसर का दर्जा देने की 2010 में डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने राज्य का सीएम रहते घोषणा की थी और इस समय डॉ. निशंक केंद्र में मानव संसाधन विकास मंत्री हैं। निशंक के सीएम पद से हटने के बाद कागजों में दफन होकर रह गई घोषणा के पूरा होने की उम्मीदें उनके केंद्रीय मंत्री बनने के बाद लोगों को है।
भीमताल परिसर का विषय संज्ञान में है। इसे लेकर शासन में वार्ता की जा रही है। पूरी उम्मीद है कि सकारात्मक नतीजा निकलेगा। -प्रो. केएस राना, कुलपति कुमाऊं विवि।