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सरकारी व्यवस्थाएं धड़ाम, चप्पे चप्पे पर लगा जाम

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काठगोदाम में लगा जाम - फोटो : अमर उजाला
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नैनीताल। पर्यटकों को बृहस्पतिवार को फजीहत उठानी पड़ी। उन्हें हल्द्वानी एवं कालाढूंगी रोड पर लंबे जाम का सामना करना पड़ा। सड़कों पर दो-दो किलोमीटर लंबा जाम लग गया। समय से शटल सेवा के वाहन उपलब्ध नहीं होने से पर्यटकों को कई किमी का सफर पैदल तय करना पड़ा। अव्यवस्थाओं के विरोध में कई पर्यटकों ने प्रदर्शन भी किया। कई लोग वाहनों को नगर से बाहर रोकने से नाराज होकर लौट गए। बाइक खड़ी करने के लिए नगर में जगह नहीं मिली, जिस कारण लोग घंटों तक इधर-उधर भटकते रहे।
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बल्दियाखान के पूर्व ग्राम प्रधान हरीश भट्ट ने बताया कि बुधवार देर रात वह एक शादी से लौटे तो देखा कि रूसी बाईपास रोड पर कई महिलाएं एवं बच्चे सड़क पर बैठे और लेटे हैं। बुधवार देर रात सरिताताल क्षेत्र में ड्यूटी करने वाले पुलिस कर्मियों ने बताया कि रात लगभग दो बजे क्षेत्र में भारी जाम लग गया। सूचना पर पुलिस जाम खुलवाने पहुंचीं, लेकिन जाम खुलते-खुलते सुबह के चार बज गए। देर रात तक एसएसपी सुनील कुमार मीणा भी नगर में व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। बृहस्पतिवार सुबह से ही नगर में फिर जाम की स्थिति बनने लगी। हल्द्वानी एवं कालाढूंगी रोड पर वाहनों की लंबी-लंबी लाइनें लग गईं। दोपहर से शाम तक विभिन्न स्थानों पर जाम रहा। हल्द्वानी रोड पर दो किलोमीटर लंबा जाम लग गया। पुलिस ने वाहनों को रूसी बाईपास पर रोक लिया और वाहनों को सड़क किनारे खड़ा करने के लिए कहा गया। जिसका कई लोगों ने विरोध किया और वह वापस चले गए। रामपुर से पहुंचे मनोज कुमार, हरिद्वार से यशवंत खंडूरी, राजस्थान से पहुंचे वीरेंद्र राणा समेत सैकड़ों पर्यटक अव्यवस्थाएं देखकर लौट चले गए।

सैलानियों की हुजूम से व्यवस्थाएं धड़ाम
नैनीताल में दो किमी लंबा जाम
न समय से शटल मिली न पार्किंग की उचित व्यवस्था, चुंगी की पर्ची को लेकर विवाद
जाम के साइड इफैक्ट
-देर रात नैनीताल की सड़कों पर लेटे देखे गए लोग, रात दो बजे लगा भीषण जाम
-अव्यवस्थाओं के विरोध में कई पर्यटकों ने प्रदर्शन भी किया। कई नाराज होकर लौट गए
-ईद के मौके पर पिकनिक स्पाटों में भीड़ उमड़ने के कारण प्रशासन के हाथ पैर फूले
-रामनगर के कौसी बैराज और रानीखेत रोड पर घंटों जाम
-रामगढ़ रोड में पांच किलोमीटर तक वाहनों की कतार लगी रही।
- कैंटर फंसने के कारण भीमताल में नहीं मिला पेट्रोल, पुलिस की मौजूदगी में बिका पेट्रोल



होटल संचालकों की पार्किंग के नाम पर धोखाधड़ी
बृहस्पतिवार को होटल संचालकों की पार्किंग के नाम पर धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। पुलिस के पास काफी संख्या में ऐसे पर्यटक पहुंचे, जिन्होंने होटलों में पार्किंग होने का दावा किया। उन्होंने बुकिंग की रसीद भी दिखाई। जिससे जानकारी हुई कि होटलों की वेबसाइट पर पार्किंग फ्री होने का दावा किया जा रहा है, जबकि होटलों में वास्तव में पार्किंग है ही नहीं। कुछ पर्यटकों ने होटल संचालकों पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया। पुलिस की जांच में भी पता चला है कि कई होटल सिर्फ पार्किंग का दावा कर रहे हैं, हकीकत में उनके होटल में पार्किंग नहीं है।
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लेकब्रिज से गुजरो या न गुजरो पर शुल्क देना ही पड़ेगा
कमिश्नर राजीव रौतेला के आदेश से पार्किंग तल्लीताल से हल्द्वानी रोड पर बल्दियाखान के पास स्थापित की गई है। बीते कुछ दिनों से लेकब्रिज चुंगी का शुल्क बल्दियाखान में ही वसूला जा रहा है। बृहस्पतिवार को कई पर्यटकों ने इसका विरोध किया। कहा कि जब वह लेकब्रिज से गुजर ही नहीं रहे हैं तो उनसे शुल्क क्यों वसूला जा रहा है। देहरादून से पहुंचे मनीष जोशी ने कहा कि उनकी गाड़ी को नगर से आठ किमी दूर खड़ा करवाया जा रहा है, लेकिन उनसे पैसा लेकब्रिज चुंगी का लिया जा रहा है। पर्यटकों एवं कुछ स्थानीय लोगों ने इसे पूरी तरह गलत बताया है।

पार्किंग संचालक से विवाद
रूसी बाईपास पहुंचे कई पर्यटक भूलवश लेकब्रिज चुंगी की रसीद को पार्किंग की रसीद समझ बैठे। रूसी बाईपास स्थित पार्किंग संचालकों ने जब पार्किंग का शुल्क मांगा तो पर्यटक लेकब्रिज चुंगी की रसीद दिखाकर विरोध करने लगे। उन्होंने कहा कि यह रसीद ही गाड़ी खड़ी करने के लिए है। कई पर्यटकों का पार्किंग संचालकों से विवाद हुआ। कई पर्यटक पार्किंग शुल्क देने को तैयार नहीं हुए।

वन विभाग की जगह पर बना दी अवैध पार्किंग
बुधवार रात पर्यटकों के वाहन खड़े करने में खूब खेल हुआ। नारायणनगर स्थित वन विभाग की जमीन पर बिना ठेका ही गाड़ियां खड़ी करवा दी गईं, जिसका गांव वालों ने विरोध किया। ग्रामीणों का कहना है कि नगर पालिका अवैध उगाही के लिए अपने ठेकेदारों का दखल करवा रहा है। वन विभाग की जमीन पर पार्किंग नहीं बनाई जा सकती है। मनमाने तरीके से पार्किंग बनाना पूरी तरह से गलत है।
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