हल्द्वानी। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के प्रवर्तन अधिकारियों की टीम ने बृहस्पतिवार को पुलिस और पंचों की मौजूदगी में रानीबाग स्थित एचएमटी फैक्ट्री के ताले तोड़कर कर्मचारियों की वेतन पर्ची समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त कर लिए। कार्रवाई के दौरान प्रबंधन पक्ष का कोई अधिकारी मौजूद नहीं रहा। ईपीएफओ जब्त किए गए दस्तावेजों की जांच कर मामले में अग्रिम कार्रवाई करेगा।
एचएमटी फैक्ट्री कर्मचारियों के पीएफ समेत अन्य भुगतान के मामले में बुधवार को सुनवाई के दौरान ईपीएफओ के क्षेत्रीय आयुक्त आशीष कुमार ने प्रवर्तन अधिकारियों को फैक्टी में सर्च एंड सीज के निर्देश दिए थे। बृहस्पतिवार को प्रवर्तन अधिकारी बीसी सुयाल के नेतृत्व में ईपीएफए अफसरों की टीम फैक्ट्री के गेट नंबर एक में पहुंची, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने टीम को प्रवेश नहीं करने दिया। दो घंटे तक टीम बाहर से खड़ी रही। समझाने पर भी जब गार्ड नहीं माने तो ईपीएफओ के अधिकारियों को पुलिस बुलानी पड़ी।
चौकी प्रभारी दान सिंह मेहता और पंचों की मौजूदगी में टीम ने फैक्ट्री के लेखा अनुभाग के ताले तोड़कर दस्तावेजों की खोजबीन की। घंटे भर से अधिक समय तक की गई खोजबीन के दौरान टीम के हाथ कर्मचारियों की वेतन पर्चियां समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज लगे, जिन्हें टीम ने कब्जे में ले लिए। प्रवर्तन अधिकारी सुयाल ने बताया कि जब्त दस्तावेजों की जांच कर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। टीम में प्रवर्तन अधिकारी विक्रमादित्य सिंह बोरा, सुनील बब्बर, अमित अधिकारी, महिपाल सिंह राणा समेत कामगार संघ के अध्यक्ष भगवान सिंह व महामंत्री मुकेश तिवारी मौजूद थे।
एचएमटी फैक्ट्री के ताले तोड़े, कई दस्तावेज जब्त
ईपीएफओ टीम तीन दरवाजों के ताले तोड़कर लेखा अनुभाग तक पहुंची
पुलिस और पंचों की मौजूदगी में सर्च एंड सीज कार्रवाई
आखिर तक दबाव बनाता रहा फैक्ट्री प्रबंधन
हल्द्वानी। एचएमटी फैक्ट्री प्रबंधन आखिर समय तक ईपीएफओ अफसरों पर फैक्ट्री की तलाशी न लेने और रिकार्ड जब्त न करने के लिए दबाव बनाता रहा। एचएमटी के एक अधिकारी ने प्रवर्तन अधिकारी बीसी सुयाल को फोन पर यह कहते हुए अपने कार्यालय में आने को कहा कि वह फैक्ट्री की ओर से एक पत्र उन्हें देना चाहते हैं, लेकिन सुयाल इसके लिए राजी नहीं हुए। बाद में गेट में तैनात एक गार्ड ने चौकी प्रभारी दान सिंह मेहता से अपने इसी अधिकारी की बात कराई। चौकी प्रभारी से भी यह अधिकारी सर्च एंड सीज की कार्रवाई न कराने की गुहार लगाता रहा। इस पर चौकी प्रभारी बोले ईपीएफओ टीम जिस काम के लिए आई है, उसे करके ही लौटेगी।
सर्च एंड सीज से पहले किया पंचनामा
हल्द्वानी। ईपीएफओ टीम ने फैक्ट्री में सर्च एंड सीज की कार्रवाई से पहले पंचनामे की कार्रवाई की। प्रवर्तन अधिकारियों ने मौके पर मौजूद पांच लोगों क्रमश: दानीराम, घनश्याम सिंह, दिनेश खुल्बे, जीवन सिंह जंतवाल और ग्राम प्रधान दयाकृष्ण शर्मा को पंच बनाते हुए पंचनामे में हस्ताक्षर कराए। बाद में पंचों को साथ लेकर ही सर्च एंड सीज की कार्रवाई की। इससे पहले ईपीएफओ अधिकारियों ने फैक्ट्री में दाखिल होने से पहले और बाहर निकलते वक्त भी पंचों से खुद की चेकिंग भी कराई।
ईपीएफओ की कार्रवाई से बधी कार्मिकों की उम्मीदें
हल्द्वानी। ईपीएफओ द्वारा की गई सर्च एंड सीज की कार्रवाई के बाद एचएमटी कार्मिकों को पीएफ समेत अन्य देयों के भुगतान की उम्मीद बधी है। कामगार संघ के अध्यक्ष भगवान सिंह और महामंत्री मुकेश तिवारी ने कहा कि ईपीएफओ के क्षेत्रीय आयुक्त आशीष कुमार की पहल पर ही फैक्ट्री से रिकार्ड जब्त करने जैसी कार्रवाई संभव हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब देयकों के भुगतान के मामले मेें भी सकारात्मक फैसला आ सकेगा।
हस्ताक्षर को दबाव बनाया तो बिस्तर बांधकर चल दूंगा
हल्द्वानी। ईपीएफओ अफसरों ने पंचों के अलावा सुरक्षा गार्डों से भी कागज में हस्ताक्षर कराए। एक कागज में तो सभी सुरक्षा कर्मियों ने हस्ताक्षर कर दिए लेकिन जब दूसरे कागज की बारी आई तो एक सुरक्षा गार्ड ने हस्ताक्षर करने से इंकार कर दिया। अधिकारियों ने दबाव बनाया तो सुरक्षा गार्ड बोला ज्यादा दबाव बनाओगे तो में अपना बिस्तर बांधकर यहां से चल दूंगा और ठेकेदार को बता दूंगा कि मैंने नौकरी छोड़ दी है। वहीं एक अन्य गार्ड ईपीएफओ की कार्रवाई की मोबाइल पर रिकार्डिंग करता रहा।
बाहर से ताला, भीतर चल रहा था पंखा
हल्द्वानी। छापे के दौरान प्रवर्तन दल को लेखा अनुभाग के सामने स्थित अभियांत्रिकी कक्ष में सिलिंग फैन चलता मिला। अधिकारियों का कहना था कि जब बाहर से ताले लगे हैं तो भीतर पंखा कैसे चल रहा है। इस पर कामगार संघ अध्यक्ष भगवान सिंह और महामंत्री मुकेश तिवारी का कहना था कि फैक्ट्री प्रबंधन अपने तीन कर्मचारियों से दस्तावेजों को खुर्द बुर्द करा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रवर्तन दल के आने के बाद उक्त तीनों कर्मचारी दूसरे रास्ते से गायब हो गए।