लालकुआं (नैनीताल)। विगत दो दिसंबर को गौला नदी के जंगल में पत्थरों से कुचल कर अधेड़ की हत्या के मामले में पुलिस अब भी खाली हाथ है। वहीं पुलिस अब लापता व्यक्तियों के परिजनों का डीएनए जांच कर मृतक अधेड़ की शिनाख्त कराने की तैयारी में है।
गौला नदी पार वन आरक्षित क्षेत्र में दो दिसंबर को 50 वर्षीय व्यक्ति का खून से लथपथ शव बरामद हुआ था। पहचान छिपाने के लिए आरोपियों ने अधेड़ का सिर और मुंह पत्थरों से कुचल दिया था। पुलिस की कई टीमें यूपी के बरेली, रामपुर, पीलीभीत के अलावा उत्तराखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों में शिनाख्त के लिए गई है। पुलिस कई लोगों को मृतक का फोटो दिखा चुकी है। इसी क्रम में पुलिस ने पीलीभीत से अगस्त 2014 और आंवला बरेली से अगस्त 2018 को लापता व्यक्ति के परिजनों से जानकारी की। पीलीभीत से लापता व्यक्ति के परिजनों ने मृतक को पहचानने से इंकार कर दिया, जबकि आंवला बरेली से लापता एक व्यक्ति के परिजन असमंजस में हैं। पुलिस अन्य लापता व्यक्तियों का पता लगाकर मृतक से मैच करने वाले हुलिए वाले व्यक्ति के परिजनों का डीएनए जांच कराएगी। कोतवाल नित्यानंद पंत के अनुसार सबसे पहले मृतक की शिनाख्त की कोशिश की जा रही है।
एक सप्ताह बाद भी अधेड़ की हत्या में पुलिस खाली हाथ
अब लापता व्यक्तियों के परिजनों का डीएनए जांच कराएगी पुलिस