हल्द्वानी/चोरगलिया (नैनीताल)। वन मंत्री हरक सिंह रावत ने नंधौर नदी में 2013 से पुराने पंजीकृत वाहन नहीं चलने के फैसले को सामाजिक न्याय का घोर उल्लंघन बताया है। रावत ने ऊधम सिंह नगर के जिलाधिकारी को पत्र लिख कर पंजीयन की इस शर्त को निरस्त कर नई विज्ञप्ति जारी करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी डॉ. नीरज खैरवाल ने बताया कि वन मंत्री के मिले पत्र के निर्देशानुसार पर अमल किया जाएगा।
ऊधम सिंह नगर के उकरौली में नंधौर नदी का पांचवां गेट खोला गया है। इस गेट पर वाहनों के पंजीयन वगैरह को लेकर बीती 27 नवंबर को जिला खनन समिति की बैठक हुई। समिति ने 2013 से पुराने पंजीकृत वाहनों के चलने पर पाबंदी लगा दी। इस पाबंदी का वाहन स्वामी विरोध करने लगे। उन्होंने नंधौर के बाकी गेट और जिले की अन्य नदियों का हवाला देते हुए इस गेट पर पंजीयन की यह शर्त हटाने की मांग की। वहीं वन निगम इस शर्त पर ही अड़ा रहा। इसके बाद यह मामला वन मंत्री हरक सिंह रावत तक पहुंचा। रावत ने इस को सामाजिक न्याय का घोर उल्लंघन बताया है। रावत ने जिलाधिकारी ऊधम सिंह नगर नीरज खैरवाल को 2013 से पुराने वाहनों का पंजीयन नहीं होने की शर्त को निरस्त कर पंजीयन की नई विज्ञप्ति जारी करने के निर्देश दिए हैं। इस निर्देश के बाद जिला खनन समिति का बैकफुट पर आना तय माना जा रहा है। इधर नंधौर खनन समिति ने वन मंत्री के इस फैसले पर आभार जताया है। ऊधमसिंह नगर के जिलाधिकारी डॉ. नीरज खैरवाल ने बताया कि वन मंत्री के मिले पत्र के निर्देशानुसार पर अमल किया जाएगा।
वन मंत्री हरक सिंह ने कहा, नंधौर में पांच साल पुराने वाहनों के पंजीयन नहीं होने की शर्त हटाए
रावत ने जिलाधिकारी ऊधम सिंह नगर को इस शर्त को निरस्त कर नई विज्ञप्ति जारी करने के दिए निर्देश