नैनीताल। बलियानाले में हो रहे भूस्खलन की रोकथाम को लेकर हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रभावित क्षेत्र के पुन: निरीक्षण को लेकर गठित समिति नैनीताल पहुंच गई है। एफआरआई को नोडल एजेंसी बनाया गया है जिसके निर्देशन में मंगलवार को टीम ने नैनीताल क्लब में एक घंटे तक मंथन कर भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का मुआयना किया।
बलियानाले में जारी भूस्खलन के चपेट में आकर नैनीताल का रईश होटल पहले ही जमींदोज हो चुुका है वहीं अब हरिनगर क्षेत्र की आबादी भी खतरे की जद में आ गई है। खतरे की जद में आए परिवारों को जिला प्रशासन की ओर से विस्थापित कर दिया गया है। बलियानाले में बने खतरे को लेकर हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई थी जिसके बाद कोर्ट ने एफआरआई को नोडल बनाते हुए पांच विभागों के निदेशकों की टीम का गठन कर बलियानाले में हो रहे भूस्खलन के कारणों का पता लगाने के साथ ही उपचार को लेकर रिपोर्ट तैयार करने को कहा था। हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन के क्रम में टीम ने 3 से 5 अक्तूबर तक भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का मुआयना कर रिपोर्ट पेश की थी लेकिन पहले निरीक्षण करने वाली इस टीम में विभागों के प्रतिनिधियों ने रिपोर्ट तैयार की थी। कोर्ट ने कमेटी को बलियानाले के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का पुन: निरीक्षण कर संशोधित रिपोर्ट पेश करने को कहा है। नैनीताल पहुंची टीम प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर 15 नवंबर को हाईकोर्ट में रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
बलियानाले के निरीक्षण को फिर नैनीताल पहुंचे वैज्ञानिक
एफआरआई को बनाया गया नोडल एजेंसी
15 नवंबर को हाईकोर्ट में पेश करनी है रिपोर्ट
इन्होंने किया निरीक्षण
एफआरआई के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विजेंद्र पनवल, आईआईटी रुड़की से प्रो.सतेंद्र मित्तल, डीएमएमसी से डॉ. केएस सजवान, वाडिया से डॉ. के लुयरे, लोनिवि के मुख्य अभियंता केपी जोशी, सिंचाई विभाग के एसई एमसी पांडे, ईई सीएस नेगी, ईई हरीश चंद्र सिंह, जिला आपदा अधिकारी शैलेश कुमार, प्रिया जोशी, एसई एनएस पतियाल, विजय जोशी, दीपक गुरुरानी।