कत्यूर घाटी में बारिश से धान की फसल को पहुंची क्षति
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हल्द्वानी। पर्वतीय और मैदानी क्षेत्र में हुई बारिश रबी की फसल के लिए वरदान साबित होगी। इससे सरसों और मटर की फसल को लाभ होगा। ठंड बढ़ने से गेहूं की बुवाई में भी तेजी आएगी, हालांकि आंधी चलने से खड़ी फसल गिरना नुकसानदायक भी है। जिला कृषि अधिकारी धनपत कुमार ने बताया कि सरसों की बुवाई चल रही है। कहीं सरसों फूलने लगी है। किसान गेहूं, चना मसूर के लिए खेत तैयार कर रहे हैं। बारिश सरसों के लिए काफी लाभदायक हैं। उन्होंने कहा कि ठंड बढ़ने से गेहूं में अंकुरण भी अधिक होता है। कल्ला भी अधिक आता है। कहा कि इससे गेहूं की बुवाई भी बढ़ेगी। कृषि वैज्ञानिक भी इस बारिश को रबी की फसल के लिए उत्तम बता रहे हैं। इस समय मटर, सरसों फूल में हैं। बारिश से जहां मटर, सरसों में दाना अच्छा बैठेगा। वहीं चना, मसूर, मटर, गेहूं की बुवाई के लिए भी लाभदायक होगी।
तेज हवा से धान की फसल बर्बाद
रामनगर (नैनीताल)। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश होने से किसानों की फसल को भारी नुकसान हो गया। शनिवार रात तेज हवाओं और बारिश पड़ने से ग्राम क्यारी निवासी कैलाश सती की करीब सात बीघा बारीक धान की फसल चौपट हो गई। बीते दिनों भारी बारिश होने से अन्य किसानों की फसलों को भी काफी नुकसान हुआ। इससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।