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मुआवजे की मांग के लिए अस्पताल में धरना दिया

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रामनगर की तहसीलदार से मुआवजा मांगा - फोटो : अमर उजाला
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रामनगर (नैनीताल)। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) के ढिकाला रेंज में बाघिन के हमले में शनिवार को मृत बिजनौर निवासी मजदूर का शव रविवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। इस दौरान परिजनों के साथ आए भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के सदस्यों ने सरकारी अस्पताल परिसर में हंगामा किया। तहसीलदार और पुलिस की मौजूदगी में दो घंटे की वार्ता के बाद वनाधिकारियों ने पांच लाख रुपये मुआवजा और मजदूर के भाई को दैनिक श्रमिक की नौकरी देने का आश्वासन दिया। तब परिजन शव बिजनौर ले गए।
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जिला बिजनौर (यूपी) के ग्राम छजमलवाला कल्लूवाला निवासी पंकज कुमार (20) ढिकाला रेंज के पूर्वी बीट में सड़क सुधारकर चौकी में लौट रहा था। तभी बाघिन ने उसे मार दिया था। भारतीय किसान यूनियन के सदस्यों के साथ बिजनौर के ग्राम छजमलवाला, धारा आदि गांवों से तमाम ग्रामीण कई वाहनों में सवार होकर रविवार सुबह करीब आठ बजे सरकारी अस्पताल पहुंचे। भाकियू बिजनौर के जिला संरक्षक चौ. बलजीत सिंह, उपाध्यक्ष मलकीत सिंह, अफजलगढ़ ब्लॉक क्षेत्र के अध्यक्ष दर्शन सिंह के नेतृत्व में ग्रामीणों ने दोपहर दो बजे तक अस्पताल परिसर में धरना दिया। लाउडस्पीकर लगाकर नारेबाजी की। भाकियू ने अस्पताल परिसर में ही गैस भट्ठी लगाकर ग्रामीणों को चाय पिलाई। सूचना मिलने पर थाना पुलिस, वन विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। ग्रामीण सीटीआर के निदेशक, उपनिदेशक को अस्पताल बुलाने की मांग करने लगे। मौके पर पहुंचे कॉर्बेट नेशनल पार्क के वार्डन शिवराज चंद ने दोनों अधिकारियों को मौके से फोन किया, लेकिन दोनों के मोबाइल फोन बंद थे। ऐसे में भाकियू नेताओं का गुस्सा बढ़ गया। इस पर तहसीलदार प्रियंका रानी अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने एसएसआई कश्मीर सिंह की मौजूदगी में अस्पताल में नर्स के कमरे में दोनों पक्षों की बात सुनी। भाकियू नेताओं ने दस लाख रुपये मुआवजा, परिजन के लिए नौकरी मांगी। करीब दो घंटे की वार्ता के दौरान भाकियू नेताओं ने कई बार शोर मचाया, लेकिन हर बार प्रशासनिक अधिकारी उन्हें मनाते रहे। वार्डन शिवराज ने बताया कि वन्यजीव के हमले में मृत व्यक्ति के परिजनों को तीन लाख रुपये का मुआवजा देय है। इसलिए परिजनों को एक लाख रुपये तत्काल दे दिए गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद दो लाख रुपये दिए जाएंगे। कॉर्बेट फाउंडेशन ढिकुली समेत अन्य संस्थाओं से दो लाख रुपये और दिलाएंगे।
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मुआवजे की मांग को अस्पताल घेरा
वनाधिकारियों और तहसीलदार से दो घंटे वार्ता
पांच लाख रुपये, एक परिजन को नौकरी पर माने ग्रामीण
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