रामनगर (नैनीताल)। कॉर्बेट नेशनल पार्क में बाघों की गणना का तीसरा चरण शुरू हो गया है। इसमें मदद के लिए मंगलवार को डब्ल्यूआईआई (वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया) की टीम रामनगर पहुंचेगी। चार साल में एक बार होनी वाली बाघों की गणना के लिए कॉर्बेट नेशनल पार्क की ओर से दो चरण का कार्य पूरा हो चुका है।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) में 2014 में बाघों की गणना हुई थी। तब 215 बाघ पाए गए थे। चार साल अब फिर से गणना की जा रही है। गणना तीन चरणों में होती है। दो चरणों का कार्य पूरा हो चुका है। तीसरे चरण का कार्य सोमवार से शुरू हो गया है। डब्लूआईआई के मदद से बाघों की गणना की जाती है। सीटीआर के निदेशक राहुल ने बताया कि पार्क प्रशासन को दस नवंबर तक गणना करके एनटीसीए को रिपोर्ट देनी है। डब्ल्यूआईआई की टीम मंगलवार को रामनगर पहुंच रही है। टीम के साथ कॉर्बेट प्रशासन की ओर से बाघों की गणना के कार्य में तेजी आएगी।
ऐसे होती है बाघों की गणना
दो वर्ग किमी के दायरे का ग्रिड बनाया जाता है, जिसमें दो कैमरा ट्रैप लगाए जाते हैं। इसी तरह पूरे सीटीआर में 700 से 800 कैमरा ट्रैप लगाए जा रहे हैं। इनकी मदद से बाघों की गणना होती है।