नैनीताल। हरिनगर में सोमवार सुबह फिर दो पहाड़ियां टूटकर बलिया नाले में समा गईं। सुबह सात बजे हुए भारी भूस्खलन से स्थानीय लोग दहशत में आ गए और घरों से बाहर भाग खड़े हुए। जीआईसी के खेल मैदान से सटी एक पहाड़ी और कुछ घरों में दरारें आ गईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगभग 35 फुट क्षेत्र नाले में समा गया है। भारी भूस्खलन की आशंका को देखते हुए एडीएम प्रशासन हरबीर सिंह ने सात परिवारों के 38 सदस्यों को जीजीआईसी में विस्थापित कर दिया है।
बारिश के कारण बलिया नाले से सटे रईस होटल क्षेत्र और हरिनगर में भूस्खलन जारी है। दस परिवारों को पहले ही प्रशासन जीआईसी में विस्थापित कर चुका है। हरिनगर को जाने वाली सड़क भी टूट चुकी है। प्रशासन पूर्व में विस्थापित किए गए परिवारों को किसी अन्य स्थान पर जगह देने की योजना बना रहा था। इसी बीच सोमवार सुबह लगभग पांच बजे से हरिनगर क्षेत्र में भारी भूस्खलन शुरू हो गया। कहा जा रहा है कि शनिवार और रविवार को हुई बारिश के कारण यह भूस्खलन हुआ। सुबह साढ़े सात बजे तेज आवाज के साथ एक पहाड़ी टूटी और कुछ देर बाद दूसरी भी जमीदोज हो गई। इससे हरिनगर के लोगों में दहशत फैल गई। सूचना पर एडीएम हरबीर सिंह, संयुक्त मजिस्ट्रेट अभिषेक रुहेला, पटवारी अमित साह मौके पर पहुंचे। एडीएम ने भूस्खलन की आशंका को देखते हुए सात परिवारों को जीआईसी में विस्थापित करवा दिया।
35 फुट क्षेत्र बलिया नाले में समाया, कई घरों में दरारें, जीआईसी खेल मैदान के पास भी पहाड़ी दरकी
38 सदस्यों को जीजीआईसी में विस्थापित किया गया है
हरिनगर जाने वाला मार्ग बंद, दस से ज्यादा घरों पर खतरा
स्थानीय लोगों ने बताया कि सोमवार के भूस्खलन से हरिनगर को जाने वाला मार्ग बंद हो गया है। दस से ज्यादा घर नाले में समाने की आशंका पैदा हो रही है। कई घरों की दीवारों में दरारें आ जाने से स्थानीय लोग दहशत में हैं।
ये परिवार किए गए विस्थापित
हरिनगर के पूरन राम, ललित प्रसाद, अमित कुमार, विजय कुमार, छोटे लाल, राजेश कुमार, बच्ची राम