नैनीताल। देवभूमि कुमाऊं की प्राचीन लोक संस्कृति, ऋषि मुनियों की तपोस्थली के साथ ही पर्यावरण संरक्षण के बारे में जानकारी जुटाने वाले लोगों के लिए खुशखबरी है। जल्द ही नैनीताल वन प्रभाग की ओर से हनुमानगढ़ी वन पार्क में संग्रहालय की स्थापना की जा रही है। संग्रहालय की स्थापना से शोधार्थियों को भी फायदा मिलेगा।
मुख्य वन संरक्षक डा. कपिल जोशी ने बताया कि वास्तव में हनुमानगढ़ी पार्क नैनीताल जू का अभिन्न अंग है। डा. जोशी के मुताबिक हनुमानगढ़ी पार्क में वैसे भी प्राकृतिक रुप से कई वनस्पतियां पहले से ही मौजूद हैं इसके अलावा बीते कुछ वर्षों में यहां पर विभिन्न प्रजातियों का रोपण कर इस पार्क को सदाबहार हरा-भरा कर दिया गया है। बताया कि जल्द ही
नैनीताल वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी बीजू लाल टीआर के नेतृत्व में हनुमानगढ़ी वन पार्क में विशेष संग्रहालय की स्थापना की जाएगी। इस संग्रहालय में देवभूमि कुमाऊं के विभिन्न मंदिरों की स्थापना करने वाले ऋषि मुनियों के बारे में जानकारी मिलेगी। साथ ही इन मंदिरों के चित्र भी संग्रहालय में मौजूद रहेंगे। पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न शोध कार्यों का लेखा जोखा संग्रहालय में देखने को मिलेगा। डा. जोशी की मानें तो संग्रहालय के निर्माण में पांच से दस लाख रुपये का खर्च आएगा। हनुमानगढ़ी पार्क में बच्चों के लिए झूले आदि लगाए जाने की भी योजना है।
जड़ी बूटी प्रदर्शन प्लांट भी होगा स्थापित
नैनीताल। हनुमानगढ़ी पार्क के एक हिस्से में जड़ी बूटी प्रदर्शन प्लांट की स्थापना भी नैनीताल वन प्रभाग करेगा। अगर जड़ी बूटियां और अन्य पौधे अधिक मात्रा में मुहैया हो जाएंगे तो उन्हें विभाग की ओर से बिक्री के लिए भी रखा जाएगा।