कॉर्बेट नेशनल पार्क बारिश के दिनों में बंद कर दिया जाता है।
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रामनगर (नैनीताल)। जहां एक ओर राज्य सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने का दावा करती है, वहीं कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) प्रशासन इसके प्रति लापरवाह नजर आ रहा है। कॉर्बेट में अक्तूबर से देश, विदेश के सैलानी आने लगेंगे लेकिन कॉर्बेट प्रशासन ने रेट लिस्ट जारी नहीं की है। ऐसे में विदेशी सैलानियों के यहां आने के आसार कम हैं।
पर्यटन व्यापारियों का कहना है कि सीटीआर प्रशासन द्वारा टूरिज्म फ्रेंडली पॉलिसी बनाने में नाकाम रहा है। टूर ऑपरेटरों का कहना है कि वह किसी भी टूरिस्ट या ट्रैवल एजेंट को रेट नहीं बता पा रहे हैं, क्योंकि दरों में बदलाव का प्रस्ताव शासन स्तर पर लंबित है। दिल्ली की कॉसमॉस कंपनी के एमडी सुनील मिश्रा हर साल ब्रिटेन, चीन, जापान के टूरिस्ट कॉर्बेट पार्क में भेजते हैं। उनका कहना है कि उनके पास मार्च 2019 तक की बुकिंग संबंधी इन्क्वायरी आई है। इनमें से कई पर्यटक कॉर्बेट आना चाहते थे लेकिन रेट तय न होने के कारण उन्होंने पर्यटकों को रणथंभौर, बांधवगढ़, ताड़ोबा टाइगर रिजर्व जाने का सुझाव दिया है, क्योंकि विदेशी सैलानियों के प्लान छह महीने पहले ही बन जाता है। फ्रेंच गाइड शुवेज अकरम का कहना है कि कॉर्बेट में कन्फर्मेशन न मिलने के कारण उन्होंने दिसंबर, जनवरी के ग्रुप को उन्होंने कॉर्बेट की जगह उत्तर प्रदेश में दुधवा नेशनल पार्क ले जाने का फैसला लिया है। उनका कहना है कि कॉर्बेट में सिर्फ तीन रात रुकने की अनुमति है जबकि विदेशी सैलानियों को अधिक रात ठहरने की अनुमति मिलनी चाहिए क्योंकि उन्हें लंबा सफर तय करना होता है और उनके दोबारा आने की उम्मीद भी कम रहती है। होटल व्यवसायी एजी अंसारी ने बताया कि नौ नवंबर को विदेशी पर्यटकों की बुकिंग आ रही है, नए रेट तय न होने से संशय की स्थिति है क्योंकि विदेशी पर्यटक सीटीआर में यात्रा से 90 दिन पहले और भारतीय पर्यटक 45 दिन पहले ऑनलाइन बुकिंग करा सकते हैं।
टूरिज्म फ्रेंडली पॉलिसी बनाने में नाकाम रहा कॉर्बेट प्रशासन
प्रशासन ने नई रेट लिस्ट जारी नहीं की, कारोबारियों में असमंजस
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में घूमने की दर बढ़ाने की प्रक्रिया शासन स्तर पर चल रही है। वहां से आदेश आने पर ही नया, पुराना रेट लागू किया जाएगा।
- राहुल, डायरेक्टर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व, रामनगर।