गरुड़ (बागेश्वर)। राइंका तिलसारी में अध्ययनरत अनुसूचित जाति बहुल गांव उड़खुली के बच्चों के अभिभावकों ने स्कूल के सवर्ण बच्चों पर उनके बच्चों पर मारपीट का आरोप लगाया है। कहा कि बच्चें मारपीट के डर से मंगलवार को स्कूल नहीं गए। अभिभावकों ने प्रधानाचार्य और एसडीएम से पाल्यों की टीसी दिलाने की गुहार लगाई है। एसडीएम के निर्देश के बारह घंटे बाद भी पटवारी वज्यूला ने घटना की प्राथमिकी दर्ज करना तो दूर मामले की विवेचना तक शुरू नहीं की है। डीएम रंजना राजगुरु ने एसडीम गरुड़ से मौके पर जाकर वास्तविक जानकारी देने को कहा है।
सुदूरवर्ती राइंका तिलसारी में अनुसूचित जाति बाहुल्य गांव उड़खुली के 36 से ज्यादा बच्चे पढ़ते हैं। उड़खुली की प्रधान कलावती देवी, सामाजिक कार्यकर्ता कुंवर राम सहित एक दर्जन से अधिक अभिभावकों ने एसडीएम और पटवारी बीएस मटियानी को मंगलवार को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि मटे, तिलसारी और आगर के सवर्ण बच्चे उनकी बेटियों के साथ छेड़छाड़ करने अलावा लड़कों के साथ आए दिन मारपीट करते हैं।
उड़खुली के आक्रोशित अभिभावक ने पाल्यों की सुरक्षा के मद्देनजर बच्चों को मंगलवार को स्कूल नहीं भेजा। प्रधानाचार्य और एडीएम से पाल्यों की टीसी काटने की गुहार लगाई है। उड़खुली गांव निवासी कुंवर और खीम राम ने पटवारी को दी गई तहरीर में कहा है कि सोमवार को आगर, मटे और तिलसारी के बच्चों ने उड़खुली के छात्र कमलेश, रोहित, नीरज और प्रदीप के साथ मारपीट करने के अलावा राइंका तिलसारी में अध्ययनरत उड़खुली की छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार किया। आक्रोशित अभिभावकों का कहना है कि पटवारी ने बच्चों के साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करना तो दूर मामले की विवेचना तक शुरू नहीं की है। उधर राइंका तिलसारी के प्रधानाचार्य रामकुमार वर्मा का कहना है कि स्कूल अवधि में ऐसी कोई वारदात नहीं हुई। पटवारी मटियानी का कहना है कि अभिभावकों की तहरीर मिल गई है। समयाभाव के कारण में मौके पर नहीं जा सके। डीएम ने एसडीएम गरुड़ से मौके पर जाकर वास्तविक जानकारी देने को कहा है।
मामला गंभीर है। मैंने पटवारी और कानूनगो से मामले की विवेचना कर प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। मैं बुधवार को राइंका तिलसारी जाऊंगा। घटना के संबंध में मैंने जिला शिक्षा अधिकारी और प्रधानाचार्य से अपने स्तर से उचित कार्रवाई को लिख दिया है। - सुंदर सिंह, एसडीएम गरुड़
अगर ऐसा हुआ है तो बच्चों को समझाएंगे
एसएमसी अध्यक्ष हरीश पांडे का कहना है कि बच्चों के आपस में झगड़े होते रहते हैं। स्कूल में ऐसी कोई घटना नहीं घटी है। मामले में एसएमसी की बैठक आयोजित की जाएगी।
उधर सवर्ण बच्चों के अभिभावकों हरीश चंद्र, रमेश कैड़ा, नवीन परिहार, राजेंद्र फर्स्वाण, तारा सिंह परिहार, गोविंद बल्लभ पांडे का कहना है कि अगर बच्चों ने मारपीट की है तो बच्चों को समझाया जाएगा। आपस में मिलकर मामले का समाधान किया जाएगा।