खटीमा। चिन्हित उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी समिति के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को प्रदेश सरकार पर चिन्हित राज्य आंदोलनकारियों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। उन्होंने एसडीएम के माध्यम से सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत को पांच सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों की लंबित मांगों पर सरकार कार्रवाई नहीं कर रही है।
उन्होंने सीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम विजयनाथ शुक्ल को सौंपा। ज्ञापन में आंदोलनकारियों ने पेंशन वृद्धि, समान पेंशन, 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, राज्य के अन्य जनपदों में राज्य आंदोलनकारियों को चिन्हित करने, आंदोलनकारियों के निधन के बाद उनके आश्रितों को पेंशन देने संबंधी मांगें उठाईं।
ज्ञापन सौंपने वालों में महिला अध्यक्ष गीता पुनेठा, केंद्रीय सचिव जानकी गोस्वामी, केंद्रीय सचिव भगवान जोशी, भूपेंद्र सिंह भंडारी, आनंद, भूपेंद्र भंडारी, हंसी देवी, भावना पांडेय, कौशल्या, अली अहमद, नित्यानंद जोशी, देवकी पांडे, राकेश चंद, योगेंद्र पुनेरा, रमेश चंद, भूपेंद्र कुमार पुुनेठा, त्रिलोचन सकलानी, कमला पांडेय, रेखा जोशी, जानकी पुनेठा, देवकी पुनेठा, माधुरी देवी, जया जोशी आदि थे।