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तिब्बती-भोटिया मार्केट की 138 दुकानों से अतिक्रमण हटाया

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नैनीताल में फ्लैट्स कार पार्किंग हुई फुल। - फोटो : अमर उजाला
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नैनीताल। हाईकोर्ट के आदेश के बाद बुधवार को भोटिया, तिब्बती, न्यू पालिका बाजार समेत चाट पार्क की 138 दुकानों से अतिक्रमण हटाया गया। पालिका से नोटिस जारी होने के बाद कई दुकानदारों ने खुद अतिक्रमण हटा लिया था। इस कारण पालिका, प्रशासन की टीम को सिर्फ न्यू पालिका बाजार में हेयर कटिंग की दुकान समेत चार अवैध दुकानें तोड़नी पड़ीं।
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हाईकोर्ट में दायर एक जनहित याचिका के मामले में सुनवाई के दौरान तिब्बती, भोटिया, न्यू पालिका बाजार, चाट पार्क में अतिक्रमण उजागर हुआ था। इसलिए न्यायालय ने नगर पालिका को अतिक्रमण को हटाने के आदेश दिए थे। कोर्ट के आदेश के अनुपालन में पालिका की ओर से नौ जुलाई को 138 दुुकानदारों को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में अतिक्रमण हटाने को कहा था। यह मीयाद पूरी होने के बाद पालिका और प्रशासन की ओर से बुधवार को एडीएम हरबीर सिंह की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। अतिक्रमण हटने के बाद एडीएम हरबीर ने पालिका ईओ रोहिताश शर्मा से उक्त क्षेत्रों में सौंदर्यीकरण करने को कहा। कार्रवाई में तीन थानों की पुलिस, पीएसी के जवान तैनात रहे। इस दौरान एसडीएम अभिषेक रुहेला, एएसपी हरीश चंद्र सती, एएसडीएम योगेश मेहरा, सीओ सिटी विजय थापा, टीआई लता आर्या, कोलवाल विपिन चंद्र पंत, एसएसआई बीसी मासीवाल आदि रहे।

तिब्बती-भोटिया मार्केट की 138 दुकानों से हटा अतिक्रमण
एडीएम ने सौंदर्यीकरण के निर्देश दिए

चाट पार्क में अतिक्रमण न हटाने पर एडीएम नाराज
नैनीताल। अभियान के दौरान एडीएम हरबीर सिंह ने नोटिस देने के बावजूद चाट पार्क से अतिक्रमण न हटाने पर नाराजगी व्यक्त की। कहा कि अब चाट पार्क में बना पाथवे भी समतल होगा। इस पर भोटिया मार्केट के दुकानदारों ने कहा कि बरसात के समय नाले से पानी दुकानों पर आ जाता है, जिस पर उन्होंने प्रमाण के रूप में अमर उजाला का 2011 का अंक दिखाया। दुकानदारों की समस्या पर सभी की सहमति के बाद फैसला लेने की बात कही गई।
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एडीएम के पैर पकड़कर मांगी दो दिन की मोहलत, नहीं पसीजा प्रशासन
नैनीताल। हाईकोर्ट के निर्देश पर प्रशासन ने बुधवार को तिब्बती, भोटिया, पालिका मार्केट से अतिक्रमण हटाया। इस अभियान के तहत दो दिव्यांगों की दुकानें भी जेसीबी से तोड़ दी गईं। भीम सिंह चमियाल ने बताया कि वह पैर से 60 प्रतिशत दिव्यांग हैं। उन्होंने यह दुकान किराए पर ली। उनके पास इसके अलावा दूसरा कोई साधन नहीं है। दिव्यांग चमियाल ने बताया कि प्रशासन के अधिकारियों को पूर्व विधायकों की संस्तुति के कागजात दिखाए तो वह देखने को भी तैयार नहीं हुए। दूसरी दुकान 25 वर्ष से स्व. लल्लू सिंह के नाम दुकान थी जो उनकी मृत्यु के बाद बेटा नीलपथ सिंह चला रहा था, लेकिन अस्थमा की बीमारी से पीड़ित नीलपथ आजकल बीडी पांडे अस्पताल में भर्ती है। जब उसे अभियान की सूचना मिली तो वह अस्पताल से सीधे दुकान पर पहुंचा और फफक फफककर रोने लगा। इन दोनों ने एडीएम के पैर पकड़कर दो दिन की मोहलत मांगी लेकिन प्रशासन नहीं पसीजा।
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