खटीमा। यूनियन बैंक से 10 लाख के ऋण अदायगी के नोटिस पर ग्राम फुलैया की थारु जनजाति की नेत्रहीन महिला परेशान है। पीड़िता ने पुलिस को तहरीर सौंपकर अपने पति के नाम जारी ऋण को फर्जी बताया है। पीड़िता ने यह भी बताया कि उनके पति का 11 सितंबर 2016 को निधन हो चुका है।
ग्राम फुलैया निवासी इमरती देवी पत्नी स्व. मोले सिंह राणा को 11 जुलाई 2018 को यूनियन बैंक शाखा नगरा तराई का 11 लाख 76 हजार 256 रुपये की वसूली का नोटिस मिला है। इसमें यूनियन बैंक ने बताया कि पांच जुलाई 2016 को मोले सिंह ने 10 लाख का ऋण लिया था। नोटिस में दो जमानती कुंदन सिंह एवं सुरेंद्र सिंह को बताया गया है।
बैंक से मिले अदायगी के नोटिस पर मृतक की पत्नी के पांव तले जमीन खिसक गई। कोतवाली पुलिस को सौंपी गई तहरीर में पीड़िता ने कहा कि उनके पति ने बैंक से कोई ऋण नहीं लिया। उनके घर की माली हालत में आजतक कोई सुधार नहीं हुआ है। पीड़ित ने बताया कि नेपाल से लगे बार्डर नगरा तराई में कार्यरत यूनियन बैंक ने 15 किमी दूर फुलैया निवासी को कर्ज किस आधार पर दिया।
पांच जुलाई 2016 को लिए गए 10 ऋण की अदायगी न होने पर बैंक ने 11 जुलाई 2018 को पहला नोटिस दिया है। पीड़िता ने पुलिस को तहरीर सौंपकर फर्जी ऋण के मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।