सितारगंज। दि किसान सहकारी चीनी मिल बंद होने के बाद मिल के 40 कर्मचारियों ने हाईकोर्ट की शरण ली है। इन कर्मचारियों ने मिल से वीआरएस लेने से मना कर दिया है। हालांकि कोर्ट में अभी फैसला नहीं हुआ हैै।
चीनी मिल के विभिन्न संगठनों के संयुक्त मोर्चा अध्यक्ष मालचंद शर्मा ने बताया कि शासन की ओर से नवंबर में मिल को बंद करने का आदेश हो गया था। जिसके बाद मार्च में मिल को पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया। बताया कि मिल ने कर्मचारियों को पीएफ का भुगतान कर दिया था लेकिन वीआरएस, ग्रेच्युटि और एरियर का भुगतान नहीं हुआ था।
बताया कि शासन से कर्मचारियों के वीआरएस की धनराशि अवमुक्त हो गई है। दो दिन के भीतर वीआरएस आवंटित भी होने लगेगा। 40 कर्मचारियों ने इसे लेने से इनकार कर दिया और उन्होंने हाईकोर्ट में नौकरी के लिए रिट दायर की है।
इधर, नौकरी के लिए हाईकोर्ट गए कर्मचारियों में से एक कर्मचारी ने बताया कि कोर्ट में सुनवाई चल रही है। वह नौकरी करना चाहते हैं। वीआरएस के बाद वह लोग बेरोजगार हो जाएंगे।