कालाढूंगी (नैनीताल)। हाथी के हमले के शिकार बीडीसी सदस्य जानकी मेहरा के पति बालम सिंह मेहरा के घर पर बृहस्पतिवार को लोगों का तांता लगा रहा। उनकी पत्नी और दो मासूम बच्चे बदहवास रहे। जो भी वहां पहुंचता उसकी आंखें नम हो जातीं। देर शाम कमोला घाट पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
बालम बुधवार शाम अपने साथी कमल कत्यूरा के साथ बरहैनी से बाइक से लौट रहे थे कि गड़प्पू के पास अचानक सड़क पर आए हाथी ने उनको मोटरसाइकिल से गिरा कर उनका सिर कुचल दिया, जिस कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि साथी कमल गंभीर रूप से घायल हो गया। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, नैनीताल के विधायक संजीव आर्य ने हाथी के कुचलने से मृत बालम के परिजनों से भी मुलाकात की। समय से पोस्टमार्टम न होने पर डॉक्टरों की फटकार भी लगाई। मेहरा के दो बच्चे हैं, जिनमें बेटी आठ वर्ष की है, जबकि बेटा दो माह का है। बालम सभी सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी भाग लेते थे। कमोला, धमोला में आयोजित होने वाले रामलीला नाटक के मंचन में उनका सराहनीय योगदान रहता था। वह कई वर्षों से वह रामलीला के निदेशक रहे थे। उनके निर्देशन में क्षेत्र में कई वर्षों से रामलीला के नाटक का मंचन हो रहा था। रामलीला के नाटक में वह हनुमान की भूमिका बखूबी निभाते थे। कुमाऊंनी संगीत में भी उन्होंने कई पहाड़ी गानों के साथ ही कई लघु फिल्में भी बनाईं। कमोला वन्य क्षेत्र में संदिग्ध लोगों की आवाजाही का भी उन्होंने खुलकर विरोध किया था।
रामलीला समेत सांस्कृतिक गतिविधियों का चेहरा खोया
हाथी के हमले में हुई थी मौत, कमोला घाट पर हुआ अंतिम संस्कार