नैनीताल। सरोवर नगरी में होने वाले भवन निर्माण और अन्य विकास कार्यों के दौरान निकलने वाले मलबे का निस्तारण करने के लिए हिल साइड सेफ्टी कमेटी (एचएसएससी) ने रूसी बाईपास के पास जमीन का चयन किया है। चयनित जमीन को मलबे से पाटे जाने के बाद उसे पार्किंग के रूप में विकसित करने की योजना है। यदि योजना सफल रही तो नैनीताल के लोगों को मलबे के निस्तारण की परेशानी से निजात मिलेगी, साथ ही पार्किंग की समस्या भी काफी हद तक दूर होगी।
पिछले साल नैनी झील की सफाई के दौरान निकले मलबे को निस्तारित करने की समस्या आ गई थी तब लोनिवि ने पाइंस क्षेत्र के पास स्थित कैंट बोर्ड की मदद से रिटेनिंग वॉल बनाकर उसमें मलबा डाला था। मलबे से भरे उस स्थान को वाहनों के पार्किंग के रूप में विकसित कर दिया गया था। इसी प्रोजेक्ट की तर्ज पर अब एचएसएससी ने अब रूसी बाईपास के पास वन विभाग की जमीन पर मलबे को निस्तारित करने की योजना बनाई है। वन विभाग की भूमि होने के चलते भूमि हस्तांतरण को लेकर भी कवायद की जा रही है। पिछले दिनों आयुक्त कुमाऊं मंडल राजीव रौतेला की अध्यक्षता में हुई बैठक में भी इस विषय को लेकर सुझाव आए थे जिस पर आयुक्त की ओर से जल्द से जल्द शासन को प्रस्ताव भेजने की बात कही गई थी। लोनिवि प्रांतीय खंड के ईई एसएस नेगी की मानें तो मलबा निस्तारण को लेकर प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। वन विभाग की 70 गुणा 210 मीटर जमीन को वन विभाग और लोनिवि और अन्य विभागों के अधिकारियों की ओर से देखा जा चुका है।