नैनीताल। तहसील दिवस औपचारिक बनते जा रहे हैं न जनता की रुचि है न अधिकारियों का लेना देना। इसकी बानगी मंगलवार को सदर तहसील के तहसील दिवस में देखने को मिली। तहसीलदार सदर कृष्णराम आर्या की अध्यक्षता में तहसील दिवस का आयोजन हुआ मगर वह 12 बजे से पहले चले गए। दिन भर में सिर्फ एक शिकायत पहुंची और उसकी भी तहसीलदार को जानकारी नहीं दी गई।
पिछले तीन तहसील दिवसों के दौरान पांच से कम शिकायतें आईं हैं। इस बार भी ऐसा ही हुआ। तहसील दिवस का बैनर भी व्यवस्था का मुंह चिढ़ाता रहा। बैनर से तहसील दिवस के आयोजन का समय गायब रहा। समय लिखने की जगह सफेद पट्टी से ढकी रही।
शिकायत की भी तहसीलदार को जानकारी नहीं
मंगलवार को तहसील दिवस में अधिवक्ता विपिन चंद्र ने शिकायत दर्ज करवाई, लेकिन तहसीलदार को इसकी जानकारी ही नहीं थी। शाम तक तहसीलदार को इसकी जानकारी नहीं दी गई। ऐसे में वह तहसील दिवस में कोई भी शिकायत न आने की बात कहते रहे।
हां, तहसील दिवस मेरी अध्यक्षता में था लेकिन मुझे एसडीएम साहब के साथ संयुक्त निरीक्षण पर जाना था इसलिए मैं चला गया था। सुबह हम लोग तहसील दिवस में थे उस समय कोई शिकायत नहीं आई है।
कृष्णराम आर्या, तहसीलदार, सदर।
हल्द्वानी में सिर्फ पांच शिकायतें
हल्द्वानी। तहसीलदार पीआर आर्या की अध्यक्षता में हुए तहसील दिवस में सिर्फ पांच शिकायतें ही दर्ज हुई। नवाबी रोड दुर्गा कालोनी वार्ड संख्या तीन के दयाल तिवारी ने आनन्दपुरी फेज दो और फेज तीन में सीवर लाइन बिछाने की मांग की। तहसीलदार पीआर आर्या ने बताया कि जल संस्थान की दो, विद्युत विभाग की एक, लोनिवि और नगर निगम की एक-एक समस्या दर्ज करते हुए उसके निराकरण के निर्देश दिए गए। इस मौके पर किशोरी लाल, रामबाबू सक्सेना, हरीश सक्सेना, बबली देवी व प्रिया देवी समेत कई लोग मौजूद थे।