नैनीताल। हाईकोर्ट ने नंधौर और कैलाश नदी से जमा मलबे को हटाने और नदी को चैनेलाइज करने के संबंध में दायर याचिका पर राज्य सरकार, प्रमुख सचिव खनन सहित अन्य को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। चोरगलिया निवासी भुवन चंद्र पोखरिया ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि कई वर्षों से नंधौर नदी चोरगलिया क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ से भीषण तबाही मची है। इस कारण कई वर्षों से कैलाश नदी का मुहाना बंद होने से भारी मात्रा में कई किलोमीटर तक मलबा जमा होता है। इसके कारण कैलाश नदी का मुहाना बंद है और बाढ़ का पानी अकेले नंधौर में बहता है।
इससे नदी के किनारे के दर्जनों ग्रामों में भारी तबाही होती है। याचिकाकर्ता का कहना था कि करोड़ों रुपया योजनाओें में खर्च कर दिया है लेकिन कैलाश का मुहाना खोलकर नदी को चैनेलाइज नहीं किया गया है।
नंधौर और कैलाश नदी से जमा मलबे को हटाने के मामले में जवाब तलब