गरुड़ (बागेश्वर)। बैजनाथ रेंज में कौसानी के जंगल मंगलवार दोपहर बाद धधक उठे। जंगल की आग सड़क तक पहुंचने से आबादी वाले इलाके खतरा हो सकता था। इसके बावजूद किसी को आग बुझाते न देख राजस्व कर्मियों समेत एसडीएम गरुड़ सुंदर सिंह, व्यापार संघ के नगर अध्यक्ष अखिल जोशी आजाद ने लौबांज में कुछ देर पिरुल हटाकर खुद आग बुझाई। एसडीएम ने बताया कि आग की घटना को वन विभाग हल्के में ले रहा है। एसडीएम ने वन विभाग की लापरवाही के संबंध में डीएम को लिख दिया है।
कौसानी, लौबांज के जंगलों में दोपहर बाद एकाएक आग लग गई। आग से जंगल में उगे पेड़, पौधे जल गए। लौबांज के पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य बहादुर सिंह कोरंगा, होटल एसोसिएशन कौसानी के अध्यक्ष बबलू नेगी ने कौसानी-बैजनाथ मार्ग में लगी आग बुझाने को फायर वाहन भेजने को कहा है। वहीं गढ़खेत रेंज के जंगलों में लगी आग वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों के मदद से नियंत्रित कर ली है। इसके बावजूद तपिश से बचने के लिए जंगली जानवरों का रुख आबादी की ओर हो गया है। बैजनाथ, गढ़खेत रेंज के जंगल सोमवार रात से धधक रहे थे। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से आग नियंत्रित कर ली है लेकिन तापमान बढ़ने पर आग से बचने के लिए मंगलवार को दो जंगली घुरड़ तिमुलपानी गांव में पहुंच गए। नरग्वाड़ी, तिलसारी, उड़खुली के ग्रामीणों ने बताया कि काकड़ों का एक झुंड गांव में घुस गया। बैजनाथ के रेंजर बीएस बिष्ट ने वनों को आग से बचाने के लिए सबसे सहयोग मांगा है। साथ ही आबादी की ओर आ रहे जंगली जानवरों के साथ छेड़छाड़ भी न करने को कहा है। रेंजर ने फायर वाचरों से भी आग की सूचना रेंज मुख्यालय को देने को कहा है। डीएफओ आरके सिंह ने ग्रामीणों और वनकर्मियों से जंगलों में कतई धूम्रपान न करने को कहा है। बताया कि भीषण गर्मी पड़ने से जंगलों में भारी मात्रा में पिरुल गिर रहा है। जंगल से लगे गांव के लोगों से भी रोज पिरुल हटाने की अपील की है।
कौसानी, लौबांज के जंगल भी धधके
जंगली जानवरों का रुख आबादी की ओर
गढ़खेत, बैजनाथ के जंगलों में धुंध बरकरार