नैनीताल। नैनी झील का जलस्तर अब शून्य होने की कगार पर है। पांच दिन के भीतर नैनी झील के जलस्तर में तेजी से गिरावट आई है। मंगलवार को जलस्तर जहां तीन इंच था, वहीं शनिवार को सिर्फ एक इंच रह गया है, जो बारिश न होने की दशा में सोमवार को शून्य को छू जाएगा। इससे सिंचाई विभाग के अधिकारी चिंतित हैं। हालांकि अधिकारी कोई उपाय करने में असमर्थता जता रहे हैं।
नैनी झील का जलस्तर शून्य न हो सके, इसलिए तमाम सरकारी प्रयास हुए। जलस्तर बनाए रखने की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग को दी गई। पेयजल में भी कटौती की गई। सिंचाई विभाग ने आईआईटी रुड़की की टीम से शोध शुरू कराया।
झील का जलस्तर गिरने से रोकने के लिए मोटा बजट भी जारी कर दिया गया और मोटी रकम भी खर्च हो गई। मार्च में कई बार हुई बारिश से जलस्तर में हल्का सुधार तो आया, लेकिन जलस्तर शून्य होने से नहीं बच सका। कई प्रयास के बावजूद परिणाम अपेक्षाकृत नहीं आ पाए हैं। आखिरकार शनिवार को जलस्तर सिर्फ एक ही इंच नापा गया। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने कहा कि रविवार तक जलस्तर शून्य हो जाएगा। ऐसे में सभी सरकारी प्रयास धरे रह गए हैं।
नैनी झील के जलस्तर में पिछले साल की अपेक्षा इस बार सुधार हुआ था, लेकिन अब जलस्तर शून्य होने की कगार पर पहुंच गया है। शनिवार को जलस्तर सिर्फ एक इंच रह गया है। अगर बारिश न हुई तो सोमवार तक जलस्तर शून्य होने की आशंका है।
- मदन मोहन जोशी, सहायक अभियंता, सिंचाई विभाग
चार दिन में घटा जलस्तर
दिन इंच
मंगलवार 3
बुधवार 2.4
बृहस्पतिवार 2.4
शुक्रवार 1.8
शनिवार 01